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बच्चों और किशोरों पर डेंगू अधिक हमलावर हुआ साबित

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झांसी। जिले में डेंगू ने शहर भर में जमकर कहर बरपाया है। जिसके चलते सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की भरमार है। डेंगू के हमले से अस्सी फीसदी से अधिक मरीज बच्चे व किशोर आयु वर्ग के हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 237 डेंगू के मरीज हैं। जबकि निजी अस्पतालों में भर्ती डेंगू के मरीजों की भरमार हैं। जिनमें बच्चों और किशोरों की संख्या अधिक है।
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कोराना संक्रमण ने जिले भर में जमकर कोहराम मचाया था। जिससे लोग काफी खौफजदा हो गए थे। विशेषज्ञों द्वारा अगस्त और सितंबर माह के बाद से कोरोना की तीसरी लहर के लिए आगाह किया गया था। जिसके लिए सरकारी अमला भी तैयारियों में जुटा हुआ था। निजी अस्पतालों को अधिग्रहित कर चिकित्सकों को भी प्रशिक्षित किया गया था। संक्रमण के कहर से लोग उभर भी नहीं पाए थे कि अब डेंगू ने अपने पैरों को पसारना शुरू कर दिया है। शहर के हर गली व मुहल्ले को डेंगू ने अपना निशाना बनाया है। जिसके चलते शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना डेंगू के मरीजों में इजाफा हो रहा है। वर्तमान में जिले भर में लगभग ढाई सौ से अधिक निजी अस्पताल व नर्सिंगहोम हैं। लेकिन डेंगू के कहर का आलम यह है कि इन अस्पतालों व नर्सिंगहोम में डेंगू के मरीजों से भरे हुए हैं।
इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ओम शंकर चौरसिया ने बताया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में बीस से अधिक बच्चों का डेंगू का इलाज चल रहा है। देखभाल के अभाव में बच्चाें व किशोरों पर डेंगू का अटैक अधिक है। नियमित देखभाल से किशोरों और बच्चों की संख्या में कमी आ सकती है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद गुप्ता ने बताया कि डेंगू के हमला बच्चों में अधिक पाया जा रहा है। वर्तमान में अस्पताल में पंद्रह बच्चों का भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। वहीं बचपन चिल्ड्रेेन अस्पताल के संचालक डॉ. प्रशांत दीक्षित ने बताया कि डेंगू का हमला बच्चों पर अधिक हुआ है। अस्पताल में अब तक पचास से अधिक बच्चों और किशोरों को भर्ती कर डेंगू का इलाज किया गया है। वर्तमान में अस्पताल में पंद्रह से अधिक बच्चे अस्पताल में भर्ती है जिनका डेंगू का इलाज किया जा रहा है।
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