झांसी। कोरोना काल में लॉकडाउन के कारण लोगों का चलना-फिरना बेहद कम हो जाने, घरों में रहने से धूप से मिलने वाला विटामिन-डी की कमी हो जाने के चलते अब हर उम्र के लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस (अस्थिसुषिरता) की समस्या सामने आने लगी है। इस बीमारी में हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है और वे कमजोर होने लगती हैं। इससे फ्रैक्चर होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है।
30 साल की उम्र के बाद दो हड्डियों के बीच गैप बढ़ने लगता है। निष्क्रिय जीवनशैली, मोटापा, गलत खानपान भी हड्डियों की सेहत को नुकसान पहुंचाता है। कोरोना काल में बोन डेथ के कारण यह बीमारी बहुत अधिक देखने को मिल रही है। मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के आचार्य डॉ. अमित सहगल ने बताया कि इसे साइलेंट किलर भी कहते हैं। वैसे तो ऑस्टियोपोरोसिस पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकता है। मगर वृद्ध महिलाओं को खतरा ज्यादा रहता है। एक्सरे, डेक्सा स्कैन, नाजुक फ्रैक्चर से बीमारी पहचान में आ जाती है। अगर बीमारी को फ्रैक्चर होने से पहले पकड़ लिया जाए तो खतरा कम किया जा सकता है। कोरोना के बाद यह बीमारी और बढ़ी है।
ऐसे करें बचाव
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
- पर्याप्त समय सूरज की रोशनी में बैठें
- नियमित व्यायाम करें, सैर, तैराकी भी
- संतुलित आहार लें, जिसमें विटामिन डी, कैल्शियम ज्यादा हो
ये हैं कारण
- बढ़ती उम्र
- आहार में पोषक तत्वों की कमी
- विटामिन डी और कैल्शियम की कमी
- व्यायाम, शारीरिक गतिविधियां कम करना
- सूरज की रोशनी में कम निकलना
- तंबाकू और शराब का सेवन करना
- चाय या कॉफी का ज्यादा सेवन
ये हैं लक्षण
- कमर दर्द
- लंबाई कम होना
- बार-बार फ्रैक्चर होना
- शरीर में कमजोरी लगना
- रीढ़ की हड्डी आगे झुक जाना