राष्ट्रीय राजमार्ग में जमीन अधिग्रहीत करने के बाद भी उसे बेच देने का मामला सामने आया है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने जिला पंचायत अध्यक्ष की पत्नी व पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) झांसी के कार्यालय सहायक हेमंत राजपूत ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गायत्री प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को एनएचएआई द्वारा झांसी से ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 बनाने, रख-रखाव एवं संरक्षण के लिए नियुक्त किया गया है। इस राजमार्ग के लिए 10 मई 2005, एक मई 2006 एवं 20 नवंबर 2006 को आराजी संख्या 5415/4 का रकबा 0.142 हेक्टेयर स्थित जमीन बाहर हद व अंदर हद का अधिग्रहण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पक्ष में किया जा चुका है।
तहरीर के अनुसार, इसकी प्रतिकर राशि एक लाख 92 हजार 907 रुपये सभी सह काश्तकार हर सिंह पुत्र स्योलाल, मन्नूलाल पुत्र छत्ते, संतोष पुत्र छत्ते, प्रशांत नाबा पुत्र उद्देत द्वारा संरक्षिका रामदुलारी को वर्ष 2008 में ही दी जा चुकी है। उक्त संपत्ति भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं भारत सरकार की है। इस जमीन को न तो कोई बेच सकता है और न कोई इस पर कब्जा कर सकता है।
इस मामले में धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की पत्नी व पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।