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एक ही चिता पर जले पति-पत्नी के शव, बच्चों को दफनाया

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झांसी। हंसता खेलता एक परिवार महज नौ घंटे के भीतर ही मौत के आगोश में समा गया। पति-पत्नी के शवों का एक ही चिता पर दाह संस्कार किया गया। जबकि, बच्चों के शवों को पास में ही दफनाया गया। इस दरम्यान हर आंख नाम हो उठी। शोक में डूबे पूरे पुनावली गांव में घरों में चूल्हे नहीं जले।
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रक्षा बंधन पर्व मनाने रिश्तेदारों के घर दतिया बाइक से जा रहे रक्सा के पुनावली गांव के रिंकू, उनकी पत्नी लक्ष्मी, बेटी वैष्णवी और बेटे कृष्णा की बीते रोज सड़क हादसे में मौत के बाद सोमवार के चारों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद गांव में लाया गया। दोपहर में तकरीबन तीन बजे हुए हादसे के बाद पिता और पुत्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। उन दोनों का दतिया में पोस्टमार्टम हुआ, जबकि मां-बेटी की मौत बीती रात तकरीबन एक बजे मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई थी, जिससे उनका पोस्टमार्टम झांसी में हुआ। चारों शवों के गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई। आसपास के गांवों के लोग भी पुनावली पहुंच गए। पति-पत्नी के शवों का एक ही चिता पर दाह संस्कार किया गया। दोनों को मुखाग्नि मृतक रिंकू के चचेरे भाई करन व विकास ने दी। पास में ही दोनों बच्चों के शवों को दफना दिया गया।
बचपन में ही उठ गया था मां-पिता का साया
झांसी। हादसे मेें परिवार समेत जान गंवाने वाले रिंकू के सिर से माता-पिता का साया आठ वर्ष की उम्र में ही उठ गया था। पहले मां की मौत हुई थी और उसके कुछ समय बाद पिता चल बसे थे। रिंकू की परवरिश उसकी दादी डरू ने की थी। रिंकू के कोई भाई-बहन नहीं थे। दो चाचा अशोक और कल्लू हैं।
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