झांसी। केंद्रीय बजट में धौलपुर- झांसी से बीना के बीच (321.80 किलोमीटर) चौथी रेल लाइन पर काम शुरू करने के लिए एक करोड़ रुपये बजट दिया गया है। इस बजट से सर्वे होगा। साथ ही अब तीसरी रेल लाइन का भी इस तरह काम होगा कि चौथी लाइन बिछाने में कोई दिक्कत न हो।
दिल्ली- मुंबई मैन ट्रैक पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए अभी धौलपुर - झांसी- बीना के बीच तीसरी रेल लाइन को बिछाने का काम चल रहा है। इस रेल बजट में उक्त सेक्शन के बीच चौथी रेल लाइन के सर्वे को भी मंजूरी दी गई है। अभी धौलपुर- झांसी-बीना के मध्य तीसरी रेल लाइन का काम छह चरणों में चल रहा है। इस काम को मार्च 2022 तक पूरा होना है। धौलपुर -झांसी-बीना के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने के बाद ट्रेनों की गति बढ़ेगी। सफर का समय बचेगा और ट्रेनों की लेटलतीफी (देरी) पर अंकुश लगेगा। इसके बाद कुछ और नई ट्रेनों को भी चलाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बजट में चौथी रेल लाइन के सर्वे के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। सर्वे के बाद धरातल पर काम शुरू होगा।
मालगाड़ी के लिए बन जाएगा अलग रास्ता
रेलवे बोर्ड तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाकर मालगाड़ी संचालन के लिए एक अलग रास्ता बना रहा है। ऐसा होने पर सवारी और मालगाड़ी दोनों का ही समय पालन बेहतर हो सकेगा। नई ट्रेनों को चलाने का भी रास्ता साफ हो जाएगा।
18 साल में बढ़ीं 70 गाड़ियां
झांसी रेल मंडल की दो लाइनों पर लगातार यात्री, मालगाड़ियों की संख्या और संचालन बढ़ने से लोड बढ़ गया है। इस कारण आए दिन रेल ट्रैफिक बाधित हो जाता है। महत्वपूर्ण ट्रेनों को रास्ता देने के लिए कुछ ट्रेनों की गति कम करनी पड़ती है या फिर उन्हें रोकना पड़ता है। पिछले 17 साल के भीतर झांसी रेल मंडल से गुजरने वाली गाड़ियों की संख्या 70 बढ़ गई हैं। इस हिसाब से 46 प्रतिशत गाड़ियों में इजाफा हुआ है। वर्तमान में झांसी-बीना सेक्शन में 23 प्रतिशत और आगरा-झांसी सेक्शन में 14 फीसदी ओवर ट्रैफिक है। तीसरी और चौथी लाइन बिछने के बाद समस्या का समाधान किसी हद तक हो जाएगा।