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हैश टैग प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, 140 छात्रों का रिजल्ट निरस्त

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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में बीएएमएस के छात्र-छात्राओं के नंबर बढ़ाने के फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। बीयू ने 140 छात्र-छात्राओं के रिजल्ट निरस्त कर दिए हैं। कॉपियों में हैश टैग समेत कई चिह्न मिलने पर शिक्षकों की संलिप्तता भी सामने आई है। ऐसे आठ-दस शिक्षकों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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बीयू से संबद्ध आयुर्वेदिक कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कॉपियों में विशेष चिह्न बनाकर नंबर बढ़ाने के खेल का पर्दाफाश हुआ था। इस मामले में बीयू कुलपति ने जांच समिति गठित कर दी थी। समिति ने 3000 कॉपियों की पड़ताल की गई तो पता चला कि 653 कॉपियों में हैश टैग समेत विशेष चिह्न बनाए गए हैं। ये कॉपियां 180 छात्र-छात्राओं द्वारा लिखी गईं।
बुंदेलखंड के तीनों आयुर्वेदिक कॉलेज के विद्यार्थियों की कॉपियों में चिह्न मिलने के बाद यूएफएम समिति को कार्रवाई के लिए उत्तर पुस्तिकाएं भेज दी गईं। समिति की सिफारिशों के बाद मामले का परीक्षा समिति में ले जाया गया। वहां निर्णय होने पर बीयू ने 140 छात्र-छात्राओं का रिजल्ट निरस्त कर दिया है। जबकि, 18 विद्यार्थियों का फिर से मूल्यांकन कराने का फैसला लिया गया है। 18 छात्रों की कॉपियों में सामान्य चिह्न मिलने पर इनका रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। चार विद्यार्थियों ने स्पष्टीकरण मांगने पर कोई जवाब नहीं दिया था, ऐसे में इनके मामले में कोई निर्णय नहीं हो सका है।
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वहीं, इस प्रकरण में कॉलेज और शिक्षकों की संलिप्तता भी सामने आई है। ऐसे में आठ-दस शिक्षक संदेह के दायरे में हैं। अब इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया गया है। बीयू प्रशासन ने साफ कहा है कि इस फर्जीवाड़े में पैसों के लेनदेन और कॉलेज के अधिकारियों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। यह सब भी जांच के दायरे में है।
कॉपियों में हैश टैग समेत विशेष चिह्न बनाने पर 140 बीएएमएस छात्रों का रिजल्ट निरस्त कर दिया गया है। आठ-दस शिक्षक भी संदेह के दायरे में हैं। इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मामले में कॉलेज के अधिकारियों की भी संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। जांच के बाद आरोपी मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रो. जेवी वैशम्पायन, कुलपति, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी।
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