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कीड़े कर रहे एसिड अटैक, रोज 500 से ज्यादा मरीज

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झांसी। बारिश में कीड़ों ने एसिड अटैक करना शुरू कर दिया है। शुरूआत में ध्यान न देने पर बड़े-बड़े घाव तक हो जाते हैं। डॉक्टरों के पास रोजाना 500 से ज्यादा मरीज इस बीमारी के पहुंच रहे हैं। स्किन स्पेशिलिस्ट का कहना है बीमारी शुरू होते ही इलाज कराएं।
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बरसात शुरू होने के बाद से जहरीले कीड़ों की संख्या काफी बढ़ गई है। घरों और बाहर ये कीड़े उड़ते रहते हैं। त्वचा पर बैठते ही ये कीड़े एसिड छोड़ते हैं। इससे लाल दाने और फिर चकत्ते उभर आते हैं। यदि डायबिटीज मरीजों को ये कीड़े काट लें तो वे तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। यदि तत्काल इलाज नहीं करवाया तो ये चकत्ते घाव में तब्दील हो सकते हैं। तब घाव भरने में काफी वक्त लगेगा और मरीज दर्द से बेहाल हो सकता है। खून में भी संक्रमण फैल जाता है। जिन्हें डायबिटीज नहीं है, वे भी सतर्क रहें। घरेलू नुस्खे आजमाने से बेहतर है कि विशेषज्ञ से सलाह लें। जैसे-जैसे आराम मिलता है, चकत्ते काले पड़ने लगते हैं और त्वचा पर पपड़ी जम जाती है। तब खुजली होती है लेकिन खुजलाने के बजाए वहां कोई क्रीम या तेल लगाएं। इससे आराम मिलेगा।
ये हैं लक्षण
- त्वचा पर लाल दाने और चकत्ते उभर आते हैं।
- दानों पर पस भी पड़ जाता है और दर्द होता है।
- जलन और बेचैनी के साथ बुखार आ सकता।
- कभी-कभी चकत्ते फोड़ेनुमा हो जाते हैं।
- लापरवाही पर त्वचा पर घाव हो जाता है।
ऐसे करें बचाव
- पूरी आस्तीन के शर्ट पहनें और गले तक बटन बंद करें।
- बिस्तर पर जाने से पहले उसे अच्छी तरह झाड़ लें।
- बेहतर हो कि मच्छरदानी लगाकर सोएं।
- कीड़ा काटे तो त्वचा को तत्काल साफ पानी से धो दें।
- विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज करवाएं।
इन दिनों जहरीले कीड़े काटने से घाव हो जाने की शिकायत लेकर तमाम मरीज आ रहे हैं। ये कीड़े त्वचा पर बैठते ही एसिड छोड़ते हैं। इससे शुरूआत में चकत्ते और फिर घाव हो जाता है। शुरूआत में ही इलाज करा लेने पर बीमारी जल्दी ठीक हो जाती है। - डॉ. प्रतीक शिवहरे, चर्म रोग विशेषज्ञ।
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