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एंटीकरप्शन की टीम लेखपाल को ले गई लखनऊ, घंटों पूछताछ

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झांसी। वायरल वीडियो में रिश्वत मांगते नजर आ रहे लेखपाल संतोष गौर को शुक्रवार को लखनऊ में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की अदालत में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया। झांसी से पुलिस टीम अपने साथ उसे वहां लेकर गई।
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बृहस्पतिवार को वायरल हुए एक वीडियो में बुढ़पुरा में तैनात लेखपाल रिश्वत की मांग करता हुआ नजर आ रहा था। लेखपाल अनुसूचित जाति की एक महिला की जमीन की बेचने की अनुमति देने के एवज में रकम मांग रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आए प्रशासन ने लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। नया गांव निवासी जितेंद्र राय की तहरीर पर सीपरी थाने में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को सीओ सिटी की अगुवाई में पुलिस टीम उसे लखनऊ लेकर पहुंची। लखनऊ में उसे भ्रष्टाचार निवारण संगठन की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया है। वहीं, विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है।
पांच और लेखपालों की चल रही है जांच
झांसी। समय पर काम न करने, काम के बदले पैसा मांगने, अफसरों के निर्देशों का पालन न करने जैसे आरोप लेखपालों अक्सर लगते रहते हैं। ऐसे ही आरोपों से घिरे पांच लेखपालों की विभागीय जांच जारी है।
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कई-कई गांवों की है जिम्मेदारी
झांसी। जिले में लेखपाल के 359 पद स्वीकृत हैं। लेकिन, इनमें से 214 ही तैनात हैं। 114 पद खाली चल रहे हैं। लेखपालों की कमी की वजह से एक-एक लेखपाल पर कई-कई गांवों की जिम्मेदारी है।
वीआईपी की खातिरदारी की होती है जिम्मेदारी
झांसी। लेखपालों पर सरकारी कामों के अलावा सर्किट हाउस में आने वाले वीआईपी मेहमानों की खातिरदारी की भी जिम्मेदारी होती है। सूत्रों के अनुसार सदर सर्किल के झांसी खास, सिविल लाइन, तालपुरा, पिछोर, गरियागांव व नयागांव के लेखपालों के सर्किट हाउस के दिन तय हैं। तय दिन पर वीआईपी के सर्किट हाउस में आने पर संबंधित लेखपाल को सारा इंतजाम करना पड़ता है।
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