झांसी। बड़ागांव थाना इलाके में शुक्रवार की सुबह हुई एक सड़क दुर्घटना में ममेरे भाई-बहन की मौत हो गई। दोनों बाइक पर सवार थे। इसी दरम्यान पीछे से आ रही बस ने उन्हें कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे से परिवार में कोहराम मच गया।
मूल रूप से ग्राम सेसा के निवासी महेश चंद्र पिछले 16 साल से राजगढ़ में रह रहे हैं। ये यहां प्राइवेट जॉब करते हैं। 20 अप्रैल को उनके बड़े भाई के बेटे की शादी थी, जिसमें शामिल होने पूरा परिवार ग्राम सेसा गया हुआ था। महेश का छोटा बेटा महेंद्र कुमार (21) श्रीराम महाविद्यालय में बीए फाइनल का छात्र था। बृहस्पतिवार को उसका अंतिम पेपर था। परीक्षा देने के लिए वो बाइक से ग्राम सेसा से निकला। रास्ते में उसने अपने मामा पहाड़ी बुजुर्ग निवासी भूरेलाल की बेटी शिवानी (19) को बाइक पर बैठा लिया। महेंद्र को शिवानी को राजगढ़ स्थित घर पर छोड़कर पेपर देने जाना था। रास्ते में कानपुर हाईवे पर दिगारा के पास आगे चल रही बस ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इस पर महेंद्र को भी अपनी बाइक के ब्रेक लगाने पड़ गए। इसी दरम्यान दोनों पीछे से आ रही बस की चपेट में आ गए। बस ने बाइक सवार दोनों भाई - बहन को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे कुछ समय के लिए हाईवे का यातायात बाधित हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने रास्ता साफ कराया।
मातम में बदलीं शादी की खुशियां
झांसी। मृतक महेंद्र कुमार के चचेरे भाई की 20 अप्रैल को शादी हुई थी, जिसमें शामिल होने के लिए वो भी परिवार के साथ गया हुआ था। वहां से लौटते समय वो अपनी ममेरी बहन के साथ हादसे का शिकार हो गया। इससे परिवार में छाईं शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बता दें कि हादसे में जान गंवाने वाली शिवानी भी श्रीराम महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। जबकि, मृतक महेंद्र का बड़ा भाई गिरेंद्र एक निजी नर्सिंग होम में जॉब करता है। वहीं, मृतका शिवानी तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी। उसका बड़ा भाई चंद्रभान और छोटे बहन खुशबू है। पिता प्राइवेट जॉब करते हैं।