झांसी में थाना नवाबाद के राजपूत कॉलोनी निवासी एक युवक पत्नी के मायके चले जाने से नाराज होकर फांसी के फंदे पर झूल गया। सुबह परिजनों ने उसका शव फंदे पर लटका देखा। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। युवक की मौत के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है।
मूल रूप से थाना उल्दन के बंगरा गांव निवासी संतोष अहिरवार (30) पुत्र रामनरेश शिवाजी नगर में राममिलन यादव के यहां परिवार के साथ किराए के मकान में रहता था। जीवन-यापन के लिए वह राजमिस्त्री का काम करता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात को संतोष का अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। दोनों के बीच काफी देर तक विवाद होता रहा। परिजनों ने किसी तरह बीच-बचाव करके मामला शांत कराया। इसके बाद बुधवार सुबह उसकी पत्नी अचानक अपने मायके मऊरानीपुर चली गई। इस बात से संतोष काफी नाराज हो गया।
परिजनों का कहना है वह अपने कमरे में चला गया। परिवार के दूसरे लोग अपने कामकाज में व्यस्त हो गए। जब काफी देर तक संतोष कमरे से बाहर नहीं निकला तब परिजन उसके कमरे में पहुंचे। कमरा भीतर से बंद था। खिड़की से देखने पर संतोष पंखे पर दुपट्टा के सहारे लटका हुआ था। यह देखकर परिजनों की चीख निकल गई। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
थोड़ी देर में विश्वविद्यालय चौकी से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। उधर, रोते-बिलखते हुए परिजन भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। परिजनों का कहना है कि कुछ समय पहले ही दोनों का विवाह हुआ था। परिजन विवाद की वजह नहीं बता सके।