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वाणिज्य करः अधिकारियों को चेकिंग के दौरान

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झांसी। वाणिज्य कर सचल दल के अफसर सड़क पर गाड़ियां पकड़ने के लिए बाहरी लोगों की फौज को अपने साथ लेकर चल रहे हैं। इन लोगों से सरकारी गाड़ी चलवाने, सड़क पर माल से भरे वाहनों को रुकवाने, लेन- देन के लिए बिचौलिये की भूमिका निभाने जैसे काम लिए जा रहे हैं। ऐसा अफसर इसलिए कर रहे हैं कि अगर किसी से माल को छोड़ने के बदले लेन- देन की बात जाए तो इसकी भनक दूसरे अधिकारी व कर्मियों को न लग सके। जबकि, कमिश्नर मुख्यालय ने पत्र जारी कर चेकिंग के दौरान प्राइवेट कर्मी साथ न रखने की सख्त हिदायत दे रखी है। वहीं, अफसरों की इस कार्य प्रणाली से चेकिंग में जाने वाले सरकारी सेवक नाराज चल रहे हैं। उनसे कार्यालय में काम लिया जा रहा है।
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वाणिज्य कर विभाग में सचल दल के दो अफसरों द्वारा माल छोड़ने के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद अब अन्य कमियां भी उजागर होने लगीं हैं। कमिश्नर मुख्यालय के पास भेजी गई एक शिकायत में बताया गया कि सचल दल में सरकारी सेवकों की नियुक्ति होने के बाद भी अधिकारी उनको अपने साथ चेकिंग पर नहीं ले जाते हैं। उनसे कार्यालय में बैठने के लिए कहा जाता है। सेवक चेकिंग के दौरान सिपाही के साथ गाड़ी रुकवाने, फाइल पकड़ने जैसे काम करते हैं। सचल दल अफसरों ने लेन-देन व अन्य कोई जानकारी लीक न हो, इसके लिए दस प्राइवेट कर्मियों को अपने साथ लगा रखा है। प्रत्येक सचल दल में दो निजी कर्मी काम कर रहे हैं। प्राइवेट कर्मियों से सरकारी वाहन चलाने, सड़क पर वाहन रुकवाने, टैक्स चोर व्यापारियों को चेकिंग की जानकारी देने, माल पकड़ने से छोड़ने तक के कागज बनाने जैसे काम लिए जा रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों से पैसा लेकर अधिकारियों तक पहुंचाना भी निजी कर्मी करते हैं। इस मामले में एडिशनल कमिश्नर (प्रशासन) लखनऊ सूर्य मणि लालचंद ने पत्र जारी कर सचल दल अफसरों को सख्त हिदायत दे रखी है कि वह चेकिंग के दौरान किसी भी प्राइवेट कर्मचारी को अपने साथ नहीं रखेंगे। निजी व्यक्ति के कार्य करते पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। झांसी जोन के ज्वाइंट कमिश्नर (प्रवर्तन) अरुण कुमार सिंह भी पत्र जारी करके चेतावनी दे चुके हैं। इसके बाद भी सचल दल अफसर आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं।
- उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ लगातार इस बात की शिकायत उच्च अधिकारियों से कर रहा है। बावजूद इसके सचल दलों में निजी कर्मियों से काम लिया जा रहा है। निजी कर्मी टैक्स चोरी का माल छुड़ाने में दलाल की भूमिका निभाते हैं। इससे सरकार को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।
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अशोक कुमार सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ।
तीन साल से बंद है संविदा कर्मियों की नियुक्ति
वाणिज्य कर विभाग में पिछले तीन साल से संविदा कर्मियों की भर्ती बंद है। संविदा कर्मियों की मदद से कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जाता था। ऐसे कर्मचारियों का पूरा लेखा जोखा विभाग के पास रहता था। लेकिन निजी कर्मियों का कोई ब्यौरा विभाग के पास नहीं है। अगर चेकिंग के दौरान कोई अप्रिय घटना घट जाती है तो निजी कर्मियों की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं होगा।
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