झांसी। महानगर में शरद पूर्णिमा का पर्व मंगलवार को मनाया गया। इस दौरान मंदिरों में भगवान को खीर अर्पण की गई और आकर्षक श्वेत वस्त्र पहनाकर मोहक शृंगार किया गया। वहीं पर्व बुधवार को भी मनाया जाएगा।
पंचांगों के अनुसार शरद पूर्णिमा की तिथि मंगलवार को शाम सात बजे के बाद प्रारंभ हुई थी। इस दौरान रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण सहित अन्य देवताओं के मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भजन गाए और खीर अर्पण की। कई मंदिरों में यह खीर मध्य रात्रि में ही श्रद्धालुओं को वितरित की गई। श्रीकुंज बिहारी मंदिर में शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। शाम को रास के पदों का मधुर गायन हुआ। गोपीनाथ जी के मंदिर में भगवान गोपीनाथ जी का महंत मार्तंड स्वामी ने अनुपम शृंगार किया और खीर का प्रसाद अर्पण किया। इधर, महानगर में कई श्रद्धालुओं ने रात में खुले आसमान में खीर रखी। मान्यता है कि चंद्रमा की अमृत किरणों से खीर अमृत समान हो जाती है, जिसे खाने से कई रोग समाप्त हो जाते हैं। वहीं, कई महिला श्रद्धालुओं ने भगवान सत्यनारायण को मावा के लड्डू अर्पण किए। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने रात्रि में मां लक्ष्मी का भी पूजन किया।