झांसी। दवाओं के साथ-साथ योग से भी लोगों की सेहत सुधर रही है। डॉक्टर भी लोगों को दवाओं के सेवन करने के साथ-साथ योग करने की सलाह दे रहे हैं। ब्लड प्रेशर, मधुमेह, सांस रोगियों के अलावा किडनी, कैंसर जैसी गंभीर रोगों से ग्रसित मरीजों को मानसिक तनाव से उबरने में भी ये मदद करता है।
कोरोना काल में कई मरीजों के फेफड़ों में जबरदस्त इंफेक्शन हुआ। इस वजह से अस्पताल से डिस्चार्ज हो जाने के बावजूद उनका ऑक्सीजन सामान्य से काफी कम रहा। ऐसे मरीजों को कई-कई महीनों तक दवाओं का सेवन तो करना ही पड़ा। साथ ही डॉक्टरों ने उन्हें योग करने की भी सलाह दी। मेडिकल कॉलेज के क्रिटिकल केयर इंचार्ज डॉ. रामबाबू सिंह ने बताया कि योग से सांस, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बैक पेन के रोगियों में काफी फायदा होता है। इसके अलावा पेट की समस्या भी योग करने से ठीक होती हैं। रोगियों को दवाओं के साथ-साथ योग के विभिन्न आसन भी करने का परामर्श दे रहे हैं। सांस के मरीजों को अनुलोम-विलोम, कपालभाति तो बीपी के रोगियों के लिए प्राणायाम असरदार होता है। कैंसर, किडनी फेल वाले गंभीर रोगी बहुत अधिक तनाव में रहते हैं। ऐसे में इन्हें भी प्राणायाम करने की सलाह देते हैं, ताकि तनावमुक्त रह सकें। वहीं, जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि वह भी मरीजों को दवाओं के साथ योग करने का परामर्श देते हैं। नेजल साइनस बीमारी में जल नेति से आराम मिलता है। वहीं, जिन मरीजों को पहले टीबी रही हो और बलगम ज्यादा निकलने और सांस फूलती हो तो अर्द्ध शीर्षासन से आराम मिलता है। उन्होंने बताया कि कई पोस्ट कोविड मरीज का दवाओं संग योग करने से ऑक्सीजन लेवल सुधरा है।