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आठ साल नौकरी के बाद लूसी ने झांसी पुलिस को कहा अलविदा

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झांसी। आठ साल से झांसी पुलिस का साथ निभाने वाली लूसी की मौत हो गई। आठ साल की नौकरी के दौरान लूसी ने पचास से अधिक मामलों के खुलासे में अहम जिम्मेदारी निभाई। वहीं, उसकी मौत से दुखी उसकी सहकर्मी ने खाना ही छोड़ रखा है।
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दरअसल, लूसी झांसी पुलिस के साथ काम करने वाला खोजी कुत्ता था। पुलिस महकमे के दस्तावेजों में क्यूनी नाम से दर्ज इस जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते को पुलिस महकमे में प्यार से लूसी बुलाते थे। लूसी उच्च प्रशिक्षण प्राप्त़ डॉग था। पुलिस अफसरों का कहना है वर्ष 2013 में पैदाइश के तुरंत बाद उसे ग्वालियर स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र भेज दिया गया। उसने नौ माह तक मानव गंध पहचानने की सबसे कठिन ट्रेनिंग हासिल की। यह प्रशिक्षण सबसे कठिन माना जाता है। इसके बाद वर्ष 2014 को लूसी ने झांसी पुलिस ज्वाइन किया। उसको यहां यूली (रानी) का साथ मिला। अपनी तैनाती के बाद से ही लूसी ने कई अहम सुराग खोजने में पुलिस की मदद की। पिछले सप्ताह ही उसके काम से खुश होकर एसएसपी शिवहरी मीना ने उसे पांच सौ का इनाम भी दिया लेकिन, पिछले दिनों उसकी तबियत अचानक खराब हो गई। उपचार के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका और पिछले दिन उसकी मौत हो गई। लूसी की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। उसकी मौत के बाद से आठ साल तक उसके साथ काम करने वाली रानी ने खाना-पीना तक छोड़ दिया। डॉग हैंडलर उसे खाना खिलाने की कोशिश करते हैैं लेकिन, रानी न खाना खा रही है, न पानी पी रही है।
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