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धनिया पाउडर और सौंफ में मिला सिंथेटिक रंग

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झांसी। मिलावट के खिलाफ शुरू किए गए अमर उजाला के अभियान के तहत सोमवार को एफडीए की मोबाइल वैन ने रॉयल सिटी में खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की। इस दौरान धनिया पाउडर और सौंफ में सिंथेटिक रंग मिला है, जो कि सेहत के लिए हानिकारक होता है।
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रॉयल सिटी में 45 नमूनों की जांच की गई। दूध के 20, तेल के छह, हल्दी के पांच, घी और धनिया के चार-चार, दाल के तीन, मिर्च के दो और सौंफ के एक नमूने की मोबाइल वैन में जांच हुई। सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि धनिया पाउडर और सौंफ के नमूने फेल हुए हैं। पुरानी धनिया काली पड़ जाती है, इसलिए उसमें चमक लाने के लिए मिलावटखोर सिंथेटिक रंग मिला देते हैं। मगर वो ये नहीं सोचते कि ये रंग लोगों की सेहत पर कितना बुरा असर डाल सकता है। जबकि, सौंफ में सिंथेटिक रंग उसे ज्यादा हरी दिखाने के लिए मिलाया जाता है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने फेल होने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जा रहा है। आगे भी अभियान जारी रहेगा। इस दौरान वरिष्ठ खाद्य विश्लेषक डॉ. अनूप चंद्र, फूड सेफ्टी ऑफिसर उपमा यादव, विनोद सिंह, संजय कश्यप, अमित बाथम, अभिषेक जैन मौजूद रहे।
आंत, लिवर, किडनी को पहुंच सकता नुकसान
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि सिंथेटिक रंग मिला खाद्य पदार्थ खाने से आंतों को नुकसान पहुंचता है। पाचन तंत्र भी बिगड़ सकता है। इसके अलावा लिवर में सूजन से लेकर सिरोसिस तक हो सकती है। सिंथेटिक रंग में केमिकल मिला होता है। अगर ये केमिकल दिमाग में पहुंच जाए तो न्यूराइटिस बीमारी हो सकती है। इससे सोचने की क्षमता कमजोर हो जाती है। गर्भपात भी हो सकता है।
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