जिला अस्पताल में लगाए गए मूक वधिर बच्चों के कॉक्लियर इंप्लांट की सर्जरी कैंप में बच्चों का परीक्?
झांसी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमके तहत जिला अस्पताल में शिविर लगाकर मूक बधिर बच्चों का परीक्षण किया गया। परीक्षण में बच्चों के सुनने और बोलने की क्षमता की जांच की गयी। परीक्षण के बाद चिह्नित 18 बच्चों को ऑपरेशन के लिए कानपुर रेफर किया गया है।
आरबीएसके के मैनेजर डॉ. राम बाबू ने बताया कि यह कैंप आरबीएसके और मल्होत्रा ईएनटी के सहयोग से आयोजित किया गया। शिविर में 82 बच्चों का पंजीकरण कराया गया था। जिसमें से 63 बच्चे ही परीक्षण के लिए आए। 63 बच्चों में 18 बच्चों को कोकलियर सर्जरी के लिए कानपुर रेफर किया गया है। कैंप में बच्चों के सुनने और बोलने की क्षमता की जांच की गई। बच्चों को चिह्नित कर निशुल्क ऑपरेशन के लिए कानपुर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि शिविर में अधिकतर बच्चे 5 वर्ष की आयु से अधिक के आए थे। जबकि कोकलियर सर्जरी 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों ही की जा सकती है। इस तरह के ऑपरेशन में बच्चों की उम्र जितनी कम हो उतना ऑपरेशन करने में आसानी होती है। उम्र बढ़ने के साथ इस तरह के ऑपरेशन जटिल हो जाते हैं।
कैंप में मल्होत्रा ईएनटी फाउंडेशन की ओर से प्रोजेक्ट हैड नागेंद्र मिश्रा, प्रबन्धक मयंक ठाकुर, ऑडियोलॉजिस्ट अजय गौतम सहित आरबीएसके मेडिकल ऑफिसर डॉ. बृजेश यादव, डॉ. भानु प्रताप, फार्मासिस्ट द्रोपति, ओप्टोमेट्रिस्ट शिव पटेल मौजूद रहे।