झांसी। सुहागिनों का पर्व करवा चौथ जेल में भी मनाया जाएगा। जी हां, यहां अपने पति के साथ जेल में बंद 37 महिला कैदी करवा चौथ का व्रत धारण करेंगी। त्योहार के मद्देनजर जेल प्रशासन पति - पत्नी की मुलाकात कराएगा। साथ ही पूजा का भी प्रबंध किया जाएगा।
जिला कारागार की महिला बैरक में 75 महिला बंदी निरुद्ध हैं। इनमें से 37 बंदी ऐसी हैं, जिनके पति भी जेल में बंद हैं, लेकिन वे दूसरी बैरकों में हैं। इनमें से ज्यादातर बंदी दहेज के मामलों में जेल में हैं। इनमें से कुछ सजा काट रहे हैं, जबकि कई के केस न्यायालयों में विचाराधीन हैं और वे जमानत की बाट जोह रही हैं। जेल में भी ये महिला बंदी सुहागिनों का पर्व करवा चौथ मनाएंगी। इसके लिए वे तैयारी में जुटी हुईं हैं। दिन भर निर्जल व्रत धारण कर रात में वे चांद का दीदार कर अपना व्रत खोलेंगी। हालांकि, पूजा के दौरान उनके साथ उनके पति मौजूद नहीं रहेंगे। जेल मैन्युअल के अनुसार रात में बंदियों को बैरकों के बाहर नहीं निकाला जा सकता है, ऐसे में महिलाओं को बगैर पति की मौजूदगी में ही अपना व्रत पूर्ण करना होगा। लेकिन, जेल प्रशासन की ओर से शाम को पति-पत्नी के बीच मुलाकात कराने का प्रबंध किया है। इसके अलावा महिला बंदियों को पूजन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जेल में ऐसी 37 महिला बंदी हैं, जिनके साथ उनके पति भी निरुद्ध हैं। करवा चौथ के पर्व पर पति-पत्नी की शाम को मुलाकात करा दी जाएगी। इसके अलावा व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए पूजन सामग्री का भी प्रबंध किया जाएगा।
- आरबी पटेल, वरिष्ठ जेल अधीक्षक