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कोरोना की दूसरी लहर में टूटी 3411 बुजुर्गों की सांसों की डोर

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कोरोना की दूसरी लहर में टूटी 3411 बुजुर्गों की सांसों की डोर
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झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर बुजुर्गों पर कहर बनकर टूटी। इसका अंदाजा समाज कल्याण विभाग द्वारा कराई गई वृद्धावस्था पेंशनरों की जांच की रिपोर्ट को देखकर लगाया जा सकता है, जिसमें सामने आया है कि फरवरी से जुलाई माह के बीच जिले में 3,411 बुजुर्ग पेंशनधारक काल के गाल में समा गए। विभाग द्वारा मरने वालों की पेंशन पर रोक लगा दी गई है।
कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर के दस्तक देने के साथ ही हालात भयावह हो चले थे। तमाम लोगों की जान महामारी की चपेट में आने से चली गई थी, जबकि अन्य बीमारियों से ग्रसित कई लोगों ने समय पर समुचित इलाज न मिलने की वजह से दम तोड़ दिया था। खासतौर पर ये स्थिति बुजुर्गों और रोगियों पर भारी गुजरी थी। समाज कल्याण विभाग द्वारा हाल ही में कराई गई वृद्धावस्था पेंशनरों की जांच में ये स्थिति सामने आई है। जिले में 62,321 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान किया जाता है। समाज कल्याण विभाग की जांच में सामने आया कि फरवरी से जुलाई माह के बीच जिले में 3,411 बुजुर्गों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट आने के बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा मृत पेंशनरों की पेंशन रोके जाने की दिशा में कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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छह माह बाद मिलेगी पेंशन
झांसी। साठ साल से अधिक आयु के निराश्रित बुजुर्गों को सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन उपलब्ध कराई जाती है। 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। तीन-तीन माह की पेंशन एक साथ उनके खाते में भेजी जाती है। लेकिन, पिछले छह माह से बुजुर्गों को पेंशन का भुगतान नहीं किया गया। लेकिन, अब सरकार इसके लिए बजट उपलब्ध कराने जा रही है। बुजुर्गों के खाते में एक साथ छह माह की पेंशन भेजी जाएगी।
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ब्लॉकवार बुजुर्गों की मौत का आंकड़ा
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ब्लॉक मौत
.......................................
बबीना 269
बड़ागांव 352
मोंठ 478
चिरगांव 486
गुरसराय 441
बामौर 447
बंगरा 427
मऊरानीपुर 511
विभाग द्वारा वृद्धावस्था पेंशन हासिल कर रहे जिले के सभी 62,321 बुजुर्गों का सत्यापन कराया गया था, जिसमें सामने आया है कि 3,411 की मौत हो चुकी है। अब इन पेंशनरों की पेंशन बंद की जा रही है।
- सुनील कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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