अगले साल होने वाले प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। जिले के चार विधानसभा सीटों पर 24 नेताओं ने दावेदारी ठोंकी है। समाजवादी पार्टी में भी टिकट को लेकर दावेदारों के बीच होड़ शुरू हो गई है। सबसे ज्यादा मारामारी बबीना विधानसभा सीट पर है। यहां से नौ दावेदार मैदान में हैं। दावेदारी की लंबी सूची तैयार हो जाने के बाद अब सपा की तरफ से प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
2022 में होने वाले प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। टिकट के लिए सबसे ज्यादा दावेदारी बबीना सीट पर है। दावेदारी की लंबी सूची तैयार हो जाने के बाद अब सपा की तरफ से प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए पहले सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे एजेंसी टिकट मांगने वाले सभी दावेदारों की गोपनीय ढंग से जनता के बीच जाकर जमीनी हकीकत परख रही है। इसके बाद हर विधानसभा से तीन-तीन दावेदारों का पैनल तैयार किया जाएगा। इनमें से किसी एक के टिकट पर पार्टी का प्रदेशीय नेतृत्व मुहर लगाएगा।
विज्ञापन
पिछले विधानसभा चुनाव में जिले की चार सीटों में से तीन पर भाजपा और सपा के बीच आमने-सामने की लड़ाई हुई थी। गरौठा, बबीना व मऊरानीपुर विधानसभा में सपा दूसरे स्थान पर रही थी। जबकि, झांसी सदर सीट गठबंधन में कांग्रेस के खाते में गई थी। यहां से सपा ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन किया था, जो तीसरे स्थान पर रहा था। 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सपा में तेजी से तैयारियां शुरू कर दी गईं गई हैं। टिकट के दावेदारों से आवेदन ले लिए गए हैं। झांसी सदर सीट से सात, मऊरानीपुर से पांच और गरौठा से तीन ने दावेदारी की है।
बबीना में पिता-पुत्रों ने किया दावा
बबीना विधानसभा से सपा के टिकट के लिए पिता-पुत्रों ने भी दावेदारी की है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और उनके पुत्र ने टिकट मांगा है। इसके अलावा एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख और उनके पुत्र ने भी दावेदारी की है। वहीं, एक पूर्व जिलाध्यक्ष ने गरौठा के अलावा बबीना विधानसभा से भी दावेदारी की है। टिकट फाइनल होने से पहले ही बबीना विधानसभा में दो दावेदारों ने सपा के रंग में अपना प्रचार भी शुरू कर दिया है। दोनों ही दावेदार बड़े पैमाने पर क्षेत्र में वॉल पेंटिंग करा रहे हैं। साथ ही जनता के बीच भी सक्रिय बने हुए हैं।टिकट के लिए विधानसभावार आवेदन प्रदेशीय नेतृत्व के पास पहुंच गए हैं। दावेदारों का पार्टी गोपनीय ढंग से सर्वे करा रही है। हर विधानसभा में तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। इनमें से किसी एक नाम पर पार्टी मुहर लगाएगी।