झांसी। जिले में 132 साल से स्थापित इलाहाबाद बैंक को अब इंडियन बैंक के नाम से जाना जाएगा। केंद्र सरकार ने इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय कर दिया है। इसके बाद इलाहाबाद बैंक के सर्वर को इंडियन बैंक के सर्वर पर अपग्रेड किया जा रहा है। ऐसे में दोनों बैंक की सेवाएं 15 फरवरी को सुबह नौ बजे तक प्रभावित रहेंगी। विलय के बाद जिले के करीब डेढ़ लाख खाताधारकों को नया आईएफएससी कोड दिया जाएगा।
भारतीय स्टेट बैंक के बाद इलाहाबाद बैंक देश का दूसरा सबसे पुराना बैंक है। इसकी स्थापना ब्रिटिश शासन में 1865 में हुई थी। इलाहाबाद के बाद देश में बैंक की दूसरी शाखा झांसी में 1888 में शुरू की गई थी। यह शाखा 132 साल से लगातार कार्यरत है। बैंक की यह शाखा छावनी क्षेत्र से सटे सिविल लाइन इलाके में स्थित है। लगभग साढ़े चार एकड़ के विस्तृत परिसर के बीच बैंक का ब्रिटिश काल के बंगलेनुमा मुख्य भवन है। आसपास के इलाके और चौराहे की पहचान बैंक के ही नाम से है। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में कर दिया है। इसे लेकर कई दिनों से बैंक में तैयारियां चल रही हैं। अब इलाहाबाद बैंक के सर्वर को इंडियन बैंक के सर्वर पर अपग्रेड किया जाएगा। बताया जाता है कि 15 फरवरी को सुबह नौ बजे तक अपग्रेडशन का काम पूरा हो जाएगा। इसे लेकर बैंकिंग सेवाएं प्रभावित चल रही हैं। हालांकि शनिवार को दूसरा शनिवार और रविवार को अवकाश के चलते बैंक शाखाओं में काम नहीं हुआ, लेकिन मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग का प्रयोग करने वाले खाताधारकों को दिक्कत हुई। जिले में इलाहाबाद बैंक के करीब डेढ़ लाखा खाताधारक हैं।
ये होंगे महत्वपूर्ण बदलाव
सर्वर अपग्रेडेशन के बाद खाताधारकों के लिए बैंक का आईएफएससी कोड, एमआइसीआर कोड, मोबाइल बैंकिंग एप, चेक बुक और पास बुक में बदलाव हो जाएगा। वहीं बैंक अधिकारियों का कहना हैं कि खाताधारकों के खाता नंबर में कोई बदलाव नहीं होगा।
इंडोएसिस एप करेगा काम
ऑनलाइन बैंकिंग के लिए इलाहाबाद बैंक के खाताधारकों को इंडोएसिस एप का प्रयोग करना होगा। खाताधारक 15 फरवरी को सुबह नौ बजे से एप का उपयोग कर पाएंगे। इलाहाबाद बैंक की शाखा के मैनेजर सुबोध पांडेय ने बताया कि बैंक का विलय होने के बाद खाताधारकों को आईएफएससी कोड और एमआइसीआर कोड बदल जाएगा। खाताधारकों को नए कोड दिए जाएंगे।