रामपुर से सांसद जयाप्रदा की लाल बत्ती लगी कार का चालान करने के मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश के कबीना मंत्री आजम खां को नोटिस जारी किया।
कोर्ट ने आजम के अलावा प्रमुख सचिव परिवहन, प्रमुख सचिव गृह, एआरटीओ रामपुर तथा थाना प्रभारी सिविल लाइंस रामपुर को भी नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया है।
सभी पक्षकारों को आठ जुलाई तक अपना जवाब कोर्ट में दाखिल करना है। आजम खां को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
जयाप्रदा द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुनील अंबवानी और न्यायमूर्ति भारत भूषण की खंडपीठ ने सांसद की लाल बत्ती गाड़ी के चालान की प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी है।
याचिका में कहा गया है कि कैबिनेट मंत्री आजम खां के इशारे पर एआरटीओ कौशलेंद्र यादव और एसएचओ सिविल लाइंस आले हसन ने जानबूझकर उनकी गाड़ी पर लगी लाल बत्ती उतार ली तथा कार का चालान कर दिया।
उनको 25 हजार रुपये चालान भरने का नोटिस दिया गया है।
जयाप्रदा के वकील सिद्धार्थ सिंह ने एक प्रार्थनापत्र देकर कहा कि उन पर कुछ लोगों ने 20 मई को उस वक्त हमला किया था जब वह एक अन्य सांसद के मुकदमे की पैरवी के लिए कानपुर जा रहे थे।
इस हमले में उनको गंभीर चोटें आई। याचिका में प्रमुख सचिव परिवहन और प्रमुख सचिव गृह से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की गई है।
खंडपीठ ने चालान के क्रम में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाते हुए पक्षकारों को आठ जुलाई तक नोटिस पर जवाब देने को कहा है। याचिका पर 11 जुलाई को सुनवाई होगी।