कोरोना के सामान्य होने पर इस साल मां दुर्गा के अधिक पंडाल लगाए जा रहे हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस साल तकरीबन 485 अधिक 2225 देवी प्रतिमा स्थापित होंगी। पूजा समितियों के लोग मूर्तिकारों के यहां से मां दुर्गा की मूर्ति ले जाने लगे हैं, जिसकी स्थापना बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र के दिन की जाएगी।
कोरोना महामारी के चलते पिछले साल सभी मां दुर्गा पूजा समितियों ने प्रतिमाएं स्थापित नहीं की थीं। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में मिलाकर कुल 1740 मूर्ति पंडालों लगे थे। इनमें शहर क्षेत्र में 85 और ग्रामीण क्षेत्रों में 1650 मूर्तियां स्थापित की गई थी। लेकिन इस साल हालात कुछ सामान्य होने पर जिले की सभी पूजा समितियां प्रतिमा स्थापित करने में जुटी है। इस वजह से पिछले बार की तुलना में इस साल 485 अधिक मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित हो रही है। इस बार शहर क्षेत्र में 125 और ग्रामीण क्षेत्र में 2100 मूर्तियां स्थापित होगी। मां दुर्गा मूर्ति की स्थापना को लेकर पूजा समितियों पूरे जोर-शोर से तैयारियों में लगे हैं। एएसपी सिटी डा. संजय कुमार का कहना है कि पूजन समितियों को कोरोना के गाइड लाइन का पालन कराना होगा। इसकी जानकारी सभी पूजन समितियों को दे दी गई है। साथ ही निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे। ड्रोन से व्यवस्थाओं की निगरानी कराई जाएगी। श्री दुर्गा पूजा महासमिति के विजय प्रताप सिंह बागी का कहना है कि कोरोना के कारण पिछले साल कम मां दुर्गा मर्ति स्थापित किए गए थे, लेकिन इस साल अधिक मां दुर्गा मूर्ति स्थापित हो रहे हैं। इस बार सभी पूजा समितियों की ओर से मूर्ति स्थापित किया जा रहा है, जहां तक सुविधा का सवाल है तो पंडालों में सैनिटाइजर उपलब्ध रहेगा, इसके अलावा एक-एक पंडालों में दो-दो वालिंटियर तैनात रहेंगे। दर्शन पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को दो-दो फीट की दूरी पर खड़ा होने की सुविधा बनाई गई है।