अलग-अलग स्थानों पर हुए बुधवार को हुई सड़क दुर्घटनाओं में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सिपाही सहित चार लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
करंजाकला : सरायख्वाजा गांव निवासी दिनेश उपाध्याय की पत्नी नीतू उपाध्याय (35) अपने मायके धौरइल गई थीं। बुधवार को सुबह करीब 11 बजे घर से इटौरी बाजार की तरफ पैदल अपने माता के साथ जा रही थीं। घर से करीब 200 मीटर दूर धौरइल गांव के पास ही नहर पर पहुंची थीं, इसी बीच पीछे से आ रहे ट्रक की चपेट में आकर घायल हो गईं। परिवार के लोग आनन-फानन में जिला अस्पताल लेकर गए। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष कृष्ण कांत सिंह का कहना है कि ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। चालक की तलाश की जा रही है।
धर्मापुर : गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के जौनपुर-केराकत मार्ग पर स्थित धर्मापुर बाजार में बुधवार को सुबह करीब 6 बजे एक ट्रक तेज रफ्तार से जा रहा था। ट्रक पर आलू लदा हुआ था। ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक पलटने से उसमें बैठे चालक मोहम्मद अहमद और खलासी रिजवान घायल हो गए। ट्रक इटावा से गाजीपुर की तरफ जा रहा था।
सतहरिया: प्रयागराज जिले के फाफामऊ गांव निवासी राधेश्याम प्रजापति अपनी पत्नी राधा देवी (45) को बाइक पर बैठाकर बदलापुर जा रहे थे। रास्ते में मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के रायपुर गांव के पास पहुंचे थे, तभी साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में बाइक गिर पड़ी। इस हादसे में बाइक सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उन्हें एक निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद प्रयागराज लेकर चले गए।
शाहगंज : सुल्तानपुर मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के समीप मंगलवार की रात करीब 11 बजे कार की चपेट में आने से बाइक सवार सरपतहां में तैनात सिपाही अभिषेक (23) व होमगार्ड महेश (30) निवासी मनवल गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए उन्हें पुरुष चिकित्सालय ले जाया गया। उधर, घटना के बाद चालक कार लेकर फरार हो गया।
गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के राजेपुर गांव निवासी ओमप्रकाश यादव (49) बुधवार की सुबह बाइक लेकर अपनी बहन के घर कुछमुछ जा रहे थे। जैसे ही गौराबादशाहपुर-नयनसंड मार्ग पर साईंबाबा मंदिर के पास पहुंचे, सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी। इससे ओमप्रकाश बाइक समेत दूर जा गिरे। टक्कर के बाद दूसरा बाइक सवार युवक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोग ओमप्रकाश को इलाज के लिए सेवई नाला बाजार ले गए। वहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। ओम प्रकाश राजगीर का कार्य कर परिवार का पालन-पोषण करते थे।