आदि गंगा गोमती नदी का जल स्तर रोजाना एक फीट के हिसाब से बढ़ रहा है। नदी में जलस्तर सोमवार को 9 फीट पर पहुंच गया। हालांकि जलस्तर अब भी खतरे के निशान से 24 फीट नीचे है। उधर, नदी के बढ़े जल स्तर के कारण शाही पुल से सटे गोमतश्वर महादेव मंदिर में पानी घुस गया है। यहां स्थापित शिवलिंग भी डूब गया है।
मंदिर के महंत चंदन का कहना है कि जिस गति से पानी बढ़ रहा है उससे लग रहा है कि एक-दो दिन में अन्य देवताओं की भी मूर्तियां डूब जाएंगी। हालांकि यह स्थिति हर साल होती है। गोमत ताल पीलीभीत से निकली आदि गंगा गोमती नदी शहर के मध्य से गुजरी है, जो केराकत, डोभी, चंदवक होते हुए आगे गाजीपुर जिले के मारकंडेय महादेव के पास गंगा में मिली है। गंगा का जल स्तर बढ़ने का असर गोमती नदी में भी देखने को मिल रहा है। पिछले तीन-चार दिनों में रोजाना एक फीट के हिसाब से गोमती नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। इससे घाट किनारे चल रहे रिवर फ्रंट डेवलपमेंट कार्य ठप हो गया है। यहां राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत 8.5 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत है। इसके तहत सद्भावना पुल से हनुमानगढ़ होते हुए बजरंग घाट तक रिवरफ्रंट डेवलपमेंट का कार्य किया जाना है। इसके लिए हनुमानघाट से काम शुरू किया गया था। जहां स्टीमर, जेसीबी मशीन की मदद से बांस-बल्ली लगाए जा रहे हैं, ताकि पानी कम करके पक्का निर्माण कार्य किया जा सके। इस बीच जलस्तर बढ़ने के कारण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। उधर, गोमती नदी के किनारे सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, जबकि लोग जान जोखिम में डालकर तैरते और घाट के किनारे टहलते दिखाई देते हैं।