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बक्शा, रामनगर, बरसठी, केराकत और डोभी में निर्विरोध निर्वाचन तय

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क्षेत्र पंचायत प्रमुख के चुनाव में बक्शा, रामनगर, बरसठी, केराकत और डोभी में ब्लॉक प्रमुख के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। केराकत, डोभी, रामनगर और बरसठी से भाजपा प्रत्याशी के सामने किसी दूसरे ने नामांकन दाखिल नहीं किया। बक्शा से पूर्व सांसद धनंजय सिंह के करीबी मनोज यादव के सामने भाजपा और सपा प्रत्याशी ने चुनाव से पहले ही मैदान छोड़ दिया। अब 21 विकास खंडों वाले जिले में 16 ब्लॉकों में ही ब्लाक प्रमुख पद के लिए चुनाव होगा। पांच ब्लाकों में बस निर्वाचन की औपचारिकता पूरी करनी बाकी है।
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बक्शा से भाजपा ने निवर्तमान ब्लाक प्रमुख सजल सिंह को और सपा ने विद्या दुबे को प्रत्याशी घोषित किया था। बृहस्पतिवार को सुबह नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो सपा और भाजपा दोनों दलों के समर्थक ब्लाक मुख्यालय के पास अपने अपने प्रत्याशियों के आने का इंतजार कर रहे थे। नामांकन दाखिल करने के आखिरी समय तीन बजे तक दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी नहीं आए तो उनके समर्थक यहां से मायूस लौट गए। यहां से सिर्फ मनोज यादव ने दो सेट में पर्चा दाखिल किया है।
रामनगर ब्लाक से सपा ने पूर्व प्रमुख कैलाश यादव को प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन वह भी नामांकन दाखिल नहीं कर सके। कैलाश का कहना है कि वह अपने प्रस्तावक का इंतजार करते रहे। लेकिन नामांकन दाखिल करने के आखिरी समय तक प्रस्तावक ही नहीं आए। यहां से भाजपा की तारा देवी पत्नी दयाराम पटेल निवासी अहिरौली कुत्तूपुर के सामने किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। तारा देवी खेतापुर वार्ड से निर्विरोध बीडीसी सदस्य चुनी गई थी। अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित केराकत से भाजपा की प्रत्याशी सरोजा देवी के सामने भी किसी ने पर्चा दाखिल नहीं किया है। वह निवर्तमान ब्लाक प्रमुख सरिता सिंह पत्नी गोपाल सिंह की करीबी हैं। पिछली बार सरिता सिंह भी यहां से निर्विरोध चुनी गई थी।
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अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित डोभी ब्लॉक से भाजपा की उम्मीदवार विद्या देवी भी अकेले मैदान में हैं। उनके सामने किसी ने भी नामांकन नहीं किया है। विद्या देवी को पूर्व ब्लाक प्रमुख अजय प्रकाश सिंह केडी का करीबी माना जाता है। बरसठी से भाजपा की प्रत्याशी अनीता शुक्ला पत्नी सुरेंद्र शुक्ला के सामने किसी और ने नामांकन दाखिल नहीं किया। यहां से निवर्तमान ब्लाक प्रमुख एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. पारसनाथ यादव की बहू अर्चना यादव के नाम से नामांकन पत्र जरूर खरीदा गया था। लेकिन उन्होंने नामांकन दाखिल नहीं किया।
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सपा ने 16 विकास खंडों में प्रत्याशी अधिकृत किया है। रामनगर और बक्शा को छोड़ सभी ब्लाकों में सपा प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। जिन दो ब्लाकों में सपा प्रत्याशी नामांकन नहीं किए उसकी जांच की जा रही है। पता चला है कि शासन, सत्ता के दबाव में सपा प्रत्याशियों को नामांकन से रोका गया है। रामनगर में सपा प्रत्याशी के प्रस्तावक ब्लाक पर आने नहीं दिया गया। इसकी शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग से की जाएगी ।
लालबहादुर यादव जिलाध्यक्ष सपा
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ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भी धनंजय सिंह का दबदबा
जौनपुर। पूर्व सांसद धनंजय सिंह को लखनऊ की सीजीएम कोर्ट ने भले ही भगोड़ा घोषित कर दिया है, लेकिन ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भी धनंजय सिंह का दबदबा कायम है। बक्शा में बेलापार गांव निवासी मनोज यादव के सामने सत्ताधारी दल से अधिकृत प्रत्याशी निवर्तमान ब्लाक प्रमुख सजल सिंह और सपा की प्रत्याशी विद्या दुबे को मैदान छोड़ने के पीछे भी धनंजय सिंह का ही प्रभाव माना जा रहा है। 38 वर्षीय मनोज यादव बीडीसी सदस्य भी निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2010 में हुए ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भी धनंजय के प्रयास से ही मनोज यादव की भाभी सुनीता यादव यहां से ब्लाक प्रमुख चुनी गई थी। मनोज के भाई महेंद्र यादव बक्शा के वार्ड संख्या 25 से जिला पंचायत सदस्य हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में वह नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकला धनंजय सिंह के प्रस्तावक भी रहे।
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