मृतका के परिवार के लोग
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वहीं, शनिवार को गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। तीन-तीन मौत के बाद भी गांव में कोई जनप्रतिनिधि शोक जताने नहीं पहुंचा। दूसरी ओर नेत्रहीन मां आशा देवी अपनी बेटियों के लिए तड़प रही थीं। बहन रेनू और ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल है।
घर में दाना-पानी और एक फूटी कौड़ी नहीं
रेनू यह बताते हुए रो पड़ी कि कुछ दिन पहले बहन प्रीती ने मुझे फोन किया था। बता रही थी कि घर में दाना-पानी और एक फूटी कौड़ी नहीं है। कैसे पांच परिवार की व्यवस्था की जाए। वह यह बताते हुए रो रही थी। कह रही थी कि मां अंधी है, किसके घर मजदूरी कंरू। वहीं दूसरी बहन ज्योति ने कहा कि हमसे बात ही नहीं होती थी। कभी-कभी हालचाल चचेरे भाई महेंद्र द्वारा मिल जाती थी।
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पीड़ित परिवार के घर संवेदना जताने पहुंचे महराजगंज के खंड विकास अधिकारी शशिकेश सिंह ने एक बोरी अनाज, कंबल व नकद सहायता दी। उन्होंने ग्राम प्रधान राकेश वर्मा व ग्राम पंचायत अधिकारी को मृत किशोरियों की मां आशा देवी को स्वीकृत आवास का छत शीघ्र बनवाने का निर्देश दिया। कार्यवाहक एडीओ (पंचायत) विजयभान यादव ने बताया कि आशा देवी के परिवार को लाल कार्ड देने का प्रस्ताव ग्राम पंचायत की बैठक में पारित कर भेजा जा चुका है।
मृत किशोरियों की मां आशा देवी का कृषि योग्य भूमि का पट्टा दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक स्तर से कवायद भी शुरू हो गई है। शनिवार को एसडीएम लाल बहादुर अहिरौली के दलित बस्ती में पहुंचे। आशा देवी की दयनीय हालत देखकर कुछ आर्थिक सहयोग किया। साथ कृषि योग्य भूमि देने का भी आश्वासन दिया। अधूरे पीएम आवास को अतिशीघ्र पूरा कराने व नि:शुल्क राशन अंत्योदय कार्ड जारी करने का निर्देश भी दिया। संबंधित कानूनगो हल्का लेखपाल संदीप जायसवाल को कृषि आवंटन के लिए फाईल तैयार करने को कहा।