सुब्बन बताते हैं कि इस वर्ष 75 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया जा रहा है। रावण का पुतला पिछले वर्ष 70 फीट का बना था। इस साल पुतला बनाने में लोहे के रिंग का भी उपयोग किया जा रहा है। जो पुतले को मजबूती देगा और उसे खड़ा करने में भी मददगार होगा। शाहगंज के विजयादशमी का मेला पूर्वांचल में अलग स्थान रखता है। यहां क्षेत्र के अलावा आजमगढ़, सुल्तानपुर, आंबेडकर नगर जिलों से भी लोग आते हैं।
मेले में बैलगाड़ी और ट्रैक्टर से महिलाओं के पहुंचने की एक अनोखी परंपरा रही है। हालांकि बदले दौर में अब इक्का-दुक्का बैलगाड़ी ही दिखाई पड़ती हैं। इनकी जगह ट्रैक्टर और ट्रकों ने ले लिया है। गाड़ियों में चारपाई और चौकी आदि रख कर उस पर बैठकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मेले में पहुंचते हैं।
मेला स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन के साथ ही रामलीला समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। आयोजन स्थल में बने पंडाल में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी मेले के महत्व को दर्शाती है।