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कॉस्मेटिक दुकानों, मेंहदी, पार्लर में खूब दिखी तीज की रौनक

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हरितालिका तीज बृहस्पतिवार को है। महिलाएं अपने अखंड सुहाग के लिए निर्जला और निराहार व्रत रखती हैं। पहली बार व्रत रहने वाली महिलाओं और कुंवारी कन्याओं में ज्यादा उत्साह है। बुधवार को शाही पुल पर महिलाएं और युवतियां हाथों में मेहदीं रचवाने में लगी रही। यहां 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की मेहदीं रचवाने वाली महिलाओं की संख्या ज्यादा रही।
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वही महिलाएं पूजन सामग्री जुटाने में लगी है। वह हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करेंगी। कुछ जगहों पर भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश की कच्ची मिट्टी से प्रतिमा बनाकर महिलाएं विधिवत पूजा करेंगी। ज्योतिष के जानकारी डा. शैलेश मोदनवाल ने बताया कि व्रती महिलाएं एक पवित्र चौकी पर शुद्ध मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग, रिद्धि-सिद्धि सहित गणेश, पार्वती की आकृति बनाकर पूजन करें। कर्मकांड के जानकारी पंडित देवी प्रसाद मिश्र बताते हैं कि हरितालिका तीज में श्रीगणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इसके लिए सबसे पहले मिट्टी से तीनों की प्रतिमा बनाएं और भगवान गणेश को तिलक करके दूर्वा अर्पित करें। फिर, भगवान शिव को फूल, बेलपत्र और शमिपत्री अर्पित करने के साथ ही माता पार्वती को शृंगार का सामान अर्पित करें। तीनों देवताओं को वस्त्र अर्पित करने के बाद हरितालिका तीज व्रत कथा सुनें या पढ़ें। इसके बाद श्रीगणेश की आरती करें और भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारने के बाद भोग लगाएं।
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