रजिस्ट्री विभाग में 46 बैनामों की हुई जांच में करीब 54 लाख रुपये के स्टांप की चोरी पकड़ी गई है। मामला तब सामने आया, जब विभाग ने अप्रैल से लेकर सितंबर तक जिले भर में हुए बैनामों की जांच की गई। इस दौरान 316 बैनामों में से 270 सही मिला तो 46 में गड़बड़ी मिली है।
सदर तहसील में सब रजिस्ट्रार संतोष कुमार सिंह ने 30 बैनामों की जांच की, जिसमें से 10 में 6.50 लाख की स्टांप चोरी, मछलीशहर में नवनीता सिंह ने 16 बैनामों की जांच में से 11 में 14.56 लाख की स्टांप चोरी, शाहगंज में एके सिंह ने 26 बैनामों की जांच में 12 में 8.81 लाख की स्टांप चोरी पाई गई। मड़ियाहूं तहसील में सब रजिस्ट्रार अजय कुमार ने 18 बैनामों की जांच की, इसमें से 12 में 5.58 लाख की स्टांप चोरी पाई। इसी तरह केराकत में सब रजिस्ट्रार डीके अग्रवाल ने 15 बैनामों की जांच में पांच में 9.13 लाख की स्टांप चोरी तो बदलापुर में सब रजिस्ट्रार पीके सिंह ने 10 बैनामों की जांच में से पांच में 19.65 लाख स्टांप चोरी पकड़ी है। उन्होंने बेताया कि सभी छह तहसीलों में रजिस्ट्री के बाद बैनामों का रैंडम स्थलीय निरीक्षण किया जाता है। इसमें 46 बैनामों में में कुल 54 लाख के स्टांप की चोरी पाई गई। इनसे जुर्माना व रजिस्ट्री की तारीख से जोड़कर स्टांप कमी पर ब्याज लिया जाएगा। इसके बाद भी न जमा करने पर आरसी जारी करके वसूली की जाएगी।