जिले में कोषागार से पेंशन पाने वाले करीब 25 हजार पेंशनरों का पेंशनर्स स्मार्ट कार्ड बनाया जाएगा है। अब तक इसके लिए 700 आवेदन पेशनरों से प्राप्त हो चुके हैं। जिसे लखनऊ मुख्यालय भेजने की तैयारी है। स्मार्ट कार्ड बनने से पेशनर्स को अपनी पहचान के लिए कोई दूसरा कागजात नहीं दिखाना होगा। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए स्मार्ट कार्ड कारगर साबित होगा।
जिले में कोषागार से करीब 25 हजार पेंशनर्स पेंशन ले रहे हैं। इन पेंशनरों को अपनी पहचान बताने व पेंशन से जुड़े अन्य कामों के लिए हमेशा कागजात साथ लेकर चलना पड़ता है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। कागजात गायब होने का भी खतरा बना रहता है। इन समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए सीनियर सिटीजन को शासन ने सभी पेंसनरों का स्मार्ट कार्ड बनवाने की पहल की है। शासन के निर्देश के बाद मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय भी सक्रिय हो गया है। लेकिन गर्मी से कम लोगों के आवेदन आने से स्मार्ट कार्ड बनाने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। अब तक 700 पेंशनर्स ने आवेदन किए हैं। जिसका मुख्यालय भेजने का कार्य शुरू हो गया है। शेष पेंशनर्स के आवेदन मंगाकर भेजने की कवायद की जा जाएगी।
25 हजार पेंशनर कोषागार से पाते पेंशन
वरिष्ठ कोषाधिकारी सुनील कुमार ने बताया है कि जिले के करीब 25 हजार पेंशनर कोषागार से जुड़े हुए हैं। उन्हें हर माह मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से पेंशन की धनराशि जारी की जाती है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य विभागों से सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स शमिल है। इन पेशनरों का स्मार्ट कार्ड बनाने के बाद इन्हें अन्य कागजात साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उन्हें सहूलियत मिलेगी।
कोषागार से जुड़े करीब 25 हजार पेंशनर्स का स्मार्ट कार्ड बनवाया जाएगा। अभी तक 700 आवेदन प्राप्त किया गया है। इसको लखनऊ भेजने का कार्य चल रहा है। अन्य पेंशनर्स भी जल्द आवेदन कर दें जिससे समय से स्मार्ट कार्ड बनवाया जा सके। इससे कई तरह की सहूलियत मिलेगी।
- सुनील कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी