आगे कहा कि जो भगोड़ा है, वो CM का लाडला है? हजारों एनकाउंटर कर दिए गए, तमाम निर्दोषों को सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए अपराधी घोषित करके उनकी जान ले ली गई। अगर विपक्षी दल पीड़ित परिवार का सहयोग न करते तो कानपुर के मनीष गुप्ता को भी ये सरकार एनकाउंटर ही बताती, लेकिन भगोड़ा आज भी आजाद है!
वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा बाबा जी अपने करीबी नालबद्ध माफियाओं के टॉप-10 की सूची बनाकर एक टीम बना लें और आईपीएल की तरह एक ‘एमबीएल’ मतलब ‘माफिया भाजपा लीग’ शुरू कर दें। शहर के पुलिस कप्तान तो उनके लिए पिच बिछाए बैठे ही हैं और टीम कप्तान वो खुद हैं ही… हो गए पूरे ग्यारह।
क्या है अजीत सिंह हत्याकांड
पिछले साल यानी 4 जनवरी 2021 को लखनऊ के विभूतिखंड में कठौता चौराहे के पास अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने अजीत सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी और करीब 20 से 22 गोलियां दागी थीं। इस मामले में कई आरोपी गिरफ्तार हुए थे और इसी में धनंजय सिंह का भी नाम आया था। इसके बाद पुलिस ने धनंजय सिंह को भगोड़ा घोषित किया था और गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम रखा था।