शनिवार को दिन भर रुक-रुक कर हो रही बारिश धान की फसल के अमृत बन गई। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि जगह-जगह जल भराव से दिक्कत का सामना भी करना पड़ा।
जिले में कुल एक लाख 47 हजार 84 हेक्टेयर में धान की खेती हुई है। नहरों में पानी नहीं आने से धान की फसल सूख रही थी। बारिश नहीं होन से किसान चिंतित थे। किसान धान की सिंचाई करने को लेकर परेशान रहे। इस बीच शनिवार को जब रुक-रुक कर बारिश हुई तो किसानों के चेहरे खिल उठे। बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी साबित हुई। उधर, शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जगह-जगह जल भराव हो गया है। इससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।