जमीन बेचने के बाद उन्हें पैसे नहीं मिले थे। इसी कारण तनाव में उन्होंने फांसी लगाकर जान दे दी। परिवार ने 13 दिसंबर को पुलिस को तहरीर दी थी। 18 दिसंबर को पुलिस ने उनके घर आकर फिर प्रार्थना पत्र लिया। साथ ही अगले दिन थाना बुलाया। बेटे का आरोप है कि 19 दिसंबर को उसकी मां थाने गई तो घंटों तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
उनसे कहा कि जब बड़े साहब आएंगे तो उनसे अपनी बात कह देना। काफी देर इंतजार करने के बाद जब आशीष ने उप निरीक्षक मनोज सिंह से पूछा तो गाली-गलौच शुरू कर दी। साथ ही अभद्रता कर थाने से भगा दिया। इतने में उसका बेटा वहां पहुंच गया। उसने दरोगा मनोज सिंह से एफआईआर न लिखने का कारण पूछा तो वह भड़क गए।
आरोप है कि दरोगा ने जूता मारने की बात कही। जब पीड़ित ने कहा कि वह इसकी शिकायत पीएमओ और डीएम से करेगा तो दरोगा कह रहे हैं, जा न, तुझको कोई पकड़े है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस संबंध में एसपी अजय साहनी ने बताया कि संबंधित दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए सीओ सदर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जिनकी रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।