फुपुक्टा (उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ) के आह्वान पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने 24 सूत्री मांगों के समर्थन में मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर अपनी ताकत का एहसास कराया। राज्यपाल, मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री को संबोधित 24 सूत्री मांगों का ज्ञापन कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य को सौंपा। धरने में शामिल संघ के अध्यक्ष डा. विजय कुमार सिंह ने सरकार को चेतावनी दी कि अविलंब मांगें पूरी नहीं की गईं तो बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कानपुर में 9 अक्तूबर को फुपुक्टा की बैठक होगी। जिसमें लखनऊ में होने वाले आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यूजीसी के नियमों के अनुरूप प्रोफेसर पदनाम देने, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने, शिक्षकों की प्रोन्नति एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अव्यवहारिक पहलुओं को हटाने आदि की मांगें लंबे समय से की जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि एक पखवाड़ा के अंदर मांगों के प्रति सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। महामंत्री डॉ. राहुल सिंह ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, शैक्षणिक कैलेंडर की विसंगतियों को दूर करने सहित अन्य मांगों को पूरी करने के लिए आवाज उठाई। संयुक्त मंत्री डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने भी सरकार से मांगें पूरी करने की मांग की।
शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं टीडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. समर बहादुर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षक हितों की अनदेखी कर रही है। फुपुक्टा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, डॉ. राजीव प्रकाश सिंह के अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. रामजीत सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. राजीव त्रिपाठी, सयुंक्त मंत्री डॉ. मनोज सिंह, कार्यालय मंत्री. डॉ. नीरज सिंह, कोषाध्यक्ष सरफ़राज नवाज, प्रांतीय प्रतिनिधि आसिफ क़माल, सिधारी यादव, डॉ. अजीत प्रसाद राय, डॉ. कौशलेंद्र विक्रम मिश्र, डॉ. गंगेश दीक्षित, डॉ. प्रशांत कुमार राय, डॉ. प्रवेश कुमार सिंह, डॉ. मनोज वत्स, डॉ. इंद्रजीत, डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. बलवंत सिंह, डॉ. सुधीर कुमार सिंह,ड ॉ. ओपी सिंह, डॉ. नितिन कुमार राय आदि ने भी धरने को संबोधित किया। संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया। संचालन सयुंक्त मंत्री पंकज सिंह ने किया।