जिले में पहले दिन सोमवार को एक भी छटांक धान की खरीद नहीं हुई है। अधिकांश केंद्रों पर ताले लटके रहे। इसमें सबसे अधिक केंद्र पीसीएफ के हैं। हालांकि इस एजेंसी के केंद्रों पर सोमवार को धान की खरीद नहीं हो पाई। इन केंद्रों पर किसान धान बेचने नहीं पहुंचे। धान खरीद के लिए तीन एजेंसियों के 69 केंद्र खोले गए हैं। उधर, कई केंद्रों पर ताले लटके रहे।
जिले में एक लाख 33 हजार 500 एमटी धान खरीद का लक्ष्य है। धान खरीद के लिए तीन एजेंसियों के कुल 69 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें खाद्य आपूर्ति विभाग के 20, एफसीआई के एक और पीसीएफ के 48 केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों सोमवार से धान खरीद की जानी थी, लेकिन सिहौली, शहाबुद्दीनपुर, नरहन, अमिहित, भैरोभानपुर, जमैथा, कबूलपुर, राजेपुर द्वितीय, अब्बोपुर, मुस्तफाबाद और खुदौली सहित कई अन्य केंद्र बंद रहे। सबसे अधिक पीएसीएफ के केंद्र बंद रहे। क्योंकि केंद्र बने साधन सहकारी समितियों के सचिवों की तरफ से लखनऊ में मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा। इसके चलते संबंधित केंद्रों पर ताले लटके रहे।
केराकत : सिहौली, शहाबुद्दीनपुर, नरहन, अमिहित व भैरोभानपुर आदि साधन सहकारी समितियों पर ताले लटके रहे। जफराबाद : साधन सहकारी समिति लिमिटेड सरस्वती जमैथा, कबूलपुर, राजेपुर द्वितीय क्रय केंद्र भी बंद रहे। हालांकि धान खरीद की सारी तैयारी इन क्रय केंद्रों पर पूरी कर ली गई है, लेकिन आंदोलन के चलते केंद्र बंद हैं। जलालपुर : राजकीय धान क्रय केंद्र, साधन सहकारी समिति धरांव व सलेमपुर में केंद्र खुले थे, लेकिन पहले दिन एक भी किसान धान बेचने नहीं आए। यही हाल साधन सहकारी समिति धरांव,सलेमपुर में भी है। खेतासराय : क्षेत्र के अब्बोपुर, मुस्तफाबाद और खुदौली के केंद्र बंद रहे। इन क्रय केंद्रों पर धान खरीद का बोर्ड भी नहीं लगा दिखा। बक्शा : क्षेत्र के साधन सहकारी समिति सुजियामऊ, कार्तिहा, चुरावनपुर, विरभानपुर, चवरी केंद्र बंद होने से धान की खरीद नहीं हुई।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी एनके पाठक का कहना है कि किसान अभी धान की कटाई आदि कार्य में जुटे हुए हैं। इसके चलते केंद्रों पर पहले दिन धान खरीद नहीं हो पाई। जहां तक क्रय केंद्र बंद होने का सवाल है तो क्रय केंद्र बने साधन सहकारी समितियों के सचिवों के लखनऊ हड़ताल पर चले जाने के कारण ऐसा हुआ है। हालांकि इसके बाद भी अब जो केंद्र बंद मिलेंगे, संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।