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बैंक प्रबंधक समेत दो पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश

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जौनपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन भदेठी स्थित शाखा के प्रबंधक समेत दो के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश थानाध्यक्ष सरायख्वाजा को दिया है। आरोप है कि लोन के नाम पर छह लाख रुपये की ठगी की गई है।
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सरायख्वाजा क्षेत्र के जमुहाईं निवासी वादी ऋषिकेश मिश्र ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र के मुताबिक वादी ने बताया था कि वह कम पढ़ा लिखा है। उसे 10 लाख रुपये की आवश्यकता थी। इस पर उसने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के भदेठी शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक के समक्ष लोन के लिए आवेदन किया। शाखा प्रबंधक ने वादी के आवेदन पर लोन स्वीकृत कर दिया और बैंक में पहले से मौजूद नीरज यादव को शाखा प्रबंधक ने गारंटर के रूप में हस्ताक्षर कराया। आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने बैंक कैशियर व अन्य कर्मचारियों के मिलीभगत से साजिश करके वादी का कई सादे पेपर पर अंगूठा का निशान ले लिया और वादी के छह लाख रुपये नीरज यादव के खाते में एक फरवरी 2021 को भेज दिया। तीन फरवरी 2021 को वादी को जानकारी हुई। वादी ने बैंक के शाखा प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों से बात की तो शाखा प्रबंधक द्वारा बताया कि गलत ढंग से नीरज के खाते में रुपये अंतरित हो गए हैं, जो आपको वापस मिल जाएगा। शाखा प्रबंधक और कैशियर द्वारा वादी को छह लाख का चेक नीरज से वादी को दिलाया गया। वादी उपरोक्त चेक के भुगतान को अपने खाते में जमा किया। आरोपी नीरज के खाते में पर्याप्त निधि न होने के कारण उपरोक्त चेक बिना भुगतान हुए वापस हो गया। वादी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपियों के सही नाम व पते पर सूचित किया, लेकिन रुपये वापस नहीं किया गया। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला पाते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत अन्य आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश थानाध्यक्ष सरायख्वाजा को दिया है।
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