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आरटीई के तहत दाखिले के लिए आए सिर्फ दो फीसदी आवेदन

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जौनपुर। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी विद्यालयों में दाखिले के लिए जिले में कुल 9 हजार सीटें हैं, लेकिन आवेदन के दूसरे चरण तक बेसिक शिक्षा विभाग को सिर्फ 214 आवेदन मिले हैं। यानी उपलब्ध सीटों के दो फीसदी ही आवेदन प्राप्त हुए हैं। अभी तीसरे चरण के आवेदन का समय जून तक है। अगर यही हाल रहा तो 95 फीसदी से अधिक सीटें खाली रह जाएंगी ।
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शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में की कुल सीटों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब, बेसहारा, लाचार बच्चों का निशुल्क दाखिले का प्राविधान है। जिले में विभिन्न मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कुल 9 हजार गरीब बच्चों का मुफ्त में दाखिला हो सकता है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले चरण में 2 मार्च से 28 मार्च तक और दूसरे चरण में एक अप्रैल से 23 अप्रैल तक आवेदन मांगा था। पहले चरण में 192 आवेदन आए थे जबकि दूसरे चरण में मात्र 22 आवेदन आए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से ऐसे आवेदनों का ऑनलाइन सत्यापन कर लाक कर दिया गया। लेकिन कोरोना के चलते स्कूल बंद होने के कारण लाटरी नहीं हो सकी है। तीसरे चरण का आवेदन 10 जून तक लिया जाएगा।
प्रभारी बीएसए जयकुमार यादव का कहना है कि अप्रैल में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते तमाम सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप पड़ गया, जिससे अभिभावक तहसीलों से बनने वाले आय प्रमाण पत्र समेत अन्य जरूरी कागजात नहीं बनवा सके। यही वजह है कि दूसरे चरण में सिर्फ 22 आवेदन आए हैं। अभी तीसरे चरण के आवेदन का समय है। हालात सामान्य हुए तो और भी आवेदन आएंगे।
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सबसे अधिक 2018 में हुए थे 1329 दाखिले
जौनपुर। 2016 से लेकर 2020 तक जिले में आरटीई के तहत हुए दाखिले के आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे अधिक 2018-19 में 1329 गरीब बच्चों का दाखिला हुआ था। 2016 में सिर्फ 24 गरीब बच्चों का दाखिला हुआ था। इसी प्रकार 2017 में 115, 2019 में 1003 और 2020 में 1771 बच्चों का दाखिला हुआ था।
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