स्थानीय लोगों की मानें तो पुलिस की शह पर घनी आबादी के बीच अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री संचालित हो रही थी। आपात स्थिति में बचाव के लिए कोई इंतजाम भी नहीं किए गए थे। अग्नि सुरक्षा उपकरणों के बगैर घर में ही पटाखों का भंडारण भी करता था।
करीब एक वर्ष पूर्व अवैध रूप से पटाखे बनाने के वायरल वीडियो को कुछ नागरिकों ने पुलिस प्रशासन को सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने अनसुनी कर दी। यदि पुलिस ने उस समय सख्ती की होती तो शायद यह हादसा न होता। दुर्घटना के बाद पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीमें अपना दामन बचाने की कवायद में जुटी हैं।
मड़ियाहूं में अवैध पटाखा बनाने का काम लंबे समय से ही चला आ रहा है। 16 नवंबर 2009 को मिरदहा मोहल्ले में पटाखा बनाते समय विस्फोट हो गया था। इस घटना में लाल मोहम्मद उर्फ लल्ला, हारुन, एहसान की मौके पर ही मौत हो गई थी।