अब किसान जिले के किसी भी क्रय केंद्र पर अपना धान बेच सकेंगे। इतना ही नहीं सौ कुंतल तक धान बेचने पर सिर्फ नाम व पता छोड़कर अन्य दस्तावेजों का सत्यापन नहीं होगा। पहले जहां सोमवार से बृहस्पतिवार तक सिर्फ 50 कुंतल धान बेचने की बाध्यता थी। वहीं अब प्रत्येक कार्य दिवस में धान बेचने की सुविधा प्रदान की गई है, जिससे किसान अब आसानी से क्रय केंद्रों पर जाकर धान बेच सकेंगे।
जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 28 फरवरी तक की जाएगी। धान की खरीद लक्ष्य के सापेक्ष सकुशल हो सके, इसके लिए जिम्मेदारों की ओर से तैयारी भी लगभग पूरी कर ली गई है। जिले में एक लाख 33 हजार 500एमटी धान खरीदने का लक्ष्य है। वहीं धान खरीदने के लिए अभी तक तीन एजेंसियों के कुल 69 क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिसमें खाद्य विभाग के 20,पीसीएफ 48 व एफसीआई एक क्रय केंद्र खोले जा चुके हैं। वहीं सरकार ने भी गेहूं खरीद के प्राविधानों में बदलाव किया है। यह बदलाव सरकार की ओर से इस लिए किया गया है, जिससे अधिक से अधिक धान की खरीद हो सके। इस दौरान सरकार ने अब किसानों को यह छूट प्रदान की है कि वह किसी भी धन क्रय केंद्र पर धान ले जाकर बेच सकता है। वहीं 100 कुंतल तक धान बेचने तक पर सत्यापन नहीं होगी। जिम्मेदार सिर्फ किसानों का नाम व पाता की जांच कर उनसे धान खरीदेंगे। इससे अधिक धान बेचने वाले किसानों की जांच होगी, जिससे किसानों को अब धान बेचने में सहुलियत होगी। बता दें कि जिले में जिले में आठ लाख 16 हजार किसान हैं, जिनके ओर से एक लाख 47 हजार 84 हेक्टेयर में धान की खेती की गई है।