कोर्ट ने कोतवाली पुलिस से 19 सितंबर को रिपोर्ट तलब की
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दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता रामसकल यादव की दरखास्त पर सीजेएम ने मंगलवार को जौनपुर डीएम मनीष कुमार वर्मा, सीएमएस डॉ. एके शर्मा, चिकित्सक, तत्कालीन सीएमओ डॉ, राकेश कुमार समेत पांच लोगों पर हत्या का वाद दर्ज किया है। इलाज में लापरवाही के कारण कोरोना संक्रमित महिला की मौत मामले में यह कार्रवाई की गई है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इस बारे में कोर्ट ने कोतवाली पुलिस से 19 सितंबर को रिपोर्ट तलब की है।
मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र के खिजिरपुर निवासी रामसकल यादव ने कोर्ट में धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत जिलाधिकारी, पूर्व सीएमओ, सीएमएस, ड्यूटी पर कार्यरत जिला चिकित्सालय के डॉक्टर और नर्स के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया है। इसके अनुसार उनकी बहन चंद्रावती देवी कोरोना संक्रमित थीं। उनको सांस लेने में दिक्कत थी। लेकिन, जिला प्रशासन की गाइड लाइन के कारण प्राइवेट हॉस्पिटल में उनकी बहन को इलाज नहीं मिल सका।
29 अप्रैल को शाम सात बजे उन्होंने बहन को जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। उस दिन ऑक्सीजन दिया गया। आरोप लगाया कि दूसरे दिन अस्पताल प्रशासन ने जानबूझकर उनकी बहन को बेड नंबर सात पर शिफ्ट कर दिया। वहां सूचना देने के बावजूद सीएमएस ने ऑक्सीजन उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया, जबकि कैंपस में ऑक्सीजन था।
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