अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने नेवढ़िया थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव निवासी लालचंद को आजीवन कारावास और तीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। उसने शराब पीने के लिए पैसा न देने पर अपनी मां की गला दबाकर हत्या कर दी थी। मामले में आरोपी की बहन ने ही केस दर्ज कराया था।
मृतका बगेसरा की पुत्री लालदेई ने अपने भाई लालचंद पर ही प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था की छोटा भाई लालचंद अपनी पत्नी से झगड़ा करके मुंबई से गांव आ गया और मां बगेसरा देवी के साथ रहता था। 18 अप्रैल 2020 को करीब 4 बजे शाम शराब के लिए रुपये के विवाद को लेकर लालचंद ने मां को मारापीटा था। 19 अप्रैल को सूचना मिली कि मां घर पर दिखाई नहीं दे रही है। गांव वालों ने अनुमान लगाया कि हो सकता है आपने पुत्र लालचंद से विवाद होने के बाद रिश्तेदारी में चली गई हो। 23 अप्रैल को सुबह 10 जब वादी घर आई तो देखा जिस कमरे में भाई लालचंद रहता है उसमें ताला लगा हुआ है। घर के अंदर से दुर्गंध आ रही है। संदेह पर लालचंद से पूछताछ किया तो बताया कि शराब पीने के लिए पैसा नहीं था। 18 अप्रैल की रात मां से पैसा मांगा तो उसने मना कर दिया। जिसे लेकर गुस्से में आकर मां का गला दबा करके उसकी हत्या कर दी और शव को घर में ही दफन कर दिया। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी लालचंद पाल को माँ की हत्या करके साक्ष्य छिपाने का दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई।