रसोई गैस का दाम बढ़ने के कारण तमाम घरों में चूल्हे का उपयोग किया जाना लगा है। जून माह से अब तक घरेलू सिलिंडर की कीमत में 91 रुपये तक का इजाफा हो चुका है। इससे किचन का बजट बिगड़ गया है। सिलिंडर न भरा पाने के कारण तमाम लोगों के घरों में अब फिर से चूल्हे पर खाना पकने लगा है।
एक गैस एजेंसी के संचालक राघवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि अब तो 40-45 प्रतिशत उज्ज्वला गैस के कनेक्शन धारक बुकिंग ही नहीं कर रहे हैं। जो लोग बुकिंग कराते हैं, उन्हें समय से सिलिंडर उपलब्ध कराया जाता है। उनका कहना था कि जून माह में 14.2 किग्रा घरेलू गैस सिलिंडर का दाम 872.50 रुपये था। जुलाई में दाम 26.50 रुपये बढ़कर 899 रुपये हो गया। गैस का दाम 25 रुपये फिर बढ़ गया और अगस्त में सिलिंडर की कीमत 924 रुपये पर पहुंच गई। ऐसे में किचन का बजट बिगड़ने लगा। इसी बीच सितंबर माह में घरेलू सिलिंडर का मूल्य बढ़कर 948 रुपये हो गया, जो अब 15 रुपये और बढ़कर 963 रुपये हो गया है। लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण लोगों को घर का खर्च चलाना मुश्किल होने लगा है।
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हर माह गैस का दाम बढ़ रहा है। सरकार महंगाई पर नियंत्रण नहीं पा रही है। इससे बोझ बढ़ रहा है। खास कर किचन का बजट बिगड़ गया है। अब तो मैं चूल्हे पर खाना बनाती हूं। जरीना, पुरेरामजी, बक्शा।
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चार से पांच माह में तो घरेलू गैस का दाम बढ़कर 963 रुपये तक पहुंच गया है। सरकार जनता को राहत देने की बजाय महंगाई का बोझ डाल रही है। मजबूरी में मैं चूल्हे पर खाना पका रही हूं। -अनीता, रैभानीपुर।
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