गोमती व सई नदी में हाल ही में जल स्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया था। हालांकि अब इन नदियों का जल स्तर प्रतिदिन घट रहा है, लेकिन यहां फैले कीचड़ और नदी के पानी के सहारे आए कचरों के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
शहर के मध्य से गुजरी गोमती नदी का जल स्तर 14 फीट के ऊपर चला गया है। इसके चलते सूरज घाट के आगे और केराकत व डोभी इलाके के तटवर्ती गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि नदी का जल स्तर इस समय प्रतिदिन घट रहा है। यही स्थिति सिकरारा, मछलीशहर और जलालपुर इलाके से गुजरी सई नदी के आसपास भी देखने को मिल रहा है। जहां नदी के बढ़े जल स्तर के कारण नाले और नहर ओवर फ्लो कर गए और खेत-तालाब जलमग्न हो गए हैं। ऐसे में इन इलाकों में मच्छर जनित रोगों की आशंका बढ़ गई है। उधर, केराकत सहित अन्य इलाकों में नदियों के तटीय क्षेत्रों के बाशिंदों को अब यह डर सताने लगाने लगा है कि बाढ़ समाप्त होने के साथ ही विभिन्न बीमारियां पांव न पसारने लगें। केराकत ब्लॉक के सरोज बड़ेवर के प्रधान दिग्विजय यादव, भितरी के प्रधान विपिन सिंह आदि का कहना है कि नदी का जलस्तर बहुत तेजी से घट रहा है, लेकिन अब पानी घटने के साथ तटीय क्षेत्र कीचड़ युक्त हो गए हैं। साथ ही बजरी, मक्का आदि की फसलें भी नष्ट हो गई हैं।