04- लगातार हो रही बारिश के बीच गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद शाही पुल का खूबसूरत नजारा।
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जौनपुर। बारिश के बाद गोमती नदी जहां जौनपुर में खतरे से नीचे है। वहीं केराकत इलाके में 60 सेमी खतरे से ऊपर पहुंच गई है। जौनपुर में सोमवार को जलस्तर 21 फीट तक पहुंच गया है। जो महज खतरे के निशान से तीन फीट नीचे हैं। ग्रामीण इलाकों में नदी का पानी बस्तियों व गावों तक पहुंचने के साथ ही घरों में घुस गया है।
जौनपुर नगर के बलुआघाट में रविवार की रात गोमती नदी का पानी घुस गया । जिससे पोलू निषाद, रामपलट, जैस निषाद, हासिम का छप्पर नदी में बह गया। वहीं रीना फात्मा का जर्जर मकान का एक हिस्सा भी ढह गया। चकप्यार अली मोहल्ले में पानी भरने से दिनेश निषाद अपने परिवार के साथ दूसरे के घर में शरण लिए हैं। राजेश सोनकर, भीम सोनकर, जय प्रकाश, नरसिंह के घर में भी नदी का पानी भर गया है। लोगों के गृहस्थी के सामान नष्ट हो गया है। सिरकोनी ब्लाक के राजेपुर रामेश्वर गांव के मल्लाह बस्ती में सई नदी का पानी सच्चिदानंद निषाद, पप्पू निषाद, सुनीता निषाद, प्रभावती निषाद, ओमप्रकाश निषाद,मोहन निषाद,संजय निषाद के घरों में पानी घुस गया है। मछलीशहर क्षेत्र के सराययूसुफ गांव में जल निकासी बाधित होने से तेलियाना बस्ती में पानी जमा हो गया है। पूरी बस्ती पानी में डूब गई है। केराकत इलाके में गोमती नदी के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। सोमवार को नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर पहुंच गया है। तटीय क्षेत्रों के गांवों के ग्रामीणों में खौफ दहशत का माहौल ब्याप्त है। केराकत नगर के गोमती तट के सिहौली घाट पर बना शव दाह स्थल पूरी तरह नदी के बाढ़ में डूब गया है। वहीं बाबा घाट संतोषी माता जी का मंदिर भी डूब गया है। इसके अलावां नाव घाट, बाबा, घाट, मुर्दहवा घाट व रामेश्वर घाट की सभी सीढ़ियाँ जल समाधि हो चुकी हैं। मुर्दहवा घाट के डूबने से वहां कोई जगह नहीं है जहां शवों का अंतिम संस्कार किया जा सका। उधर सिकरारा इलाके में सई नदी का जल स्तर बढ़त पर है। यहां स्थित शाही पुल के सारे ताखे पूरी तरह भर गए। जिससे पानी पुल के दोनों तरफ भी फैल कर बहने लगा। शेरवा बाजार के पास कन्नौजिया बस्ती में जल निकासी की व्यस्था न होने से अब भी बस्ती में एक से डेढ़ फीट पानी लगा है। इसी तरह बघौरा के पास बरईपार सिकरारा मार्ग पर स्थित अमरूद के बगीचे में बसे दशरथ सोनकर के आवास के सामने अब भी जल जमाव है। नदी के किनारे स्थित बिशुनपुर, पोखरियापुर महमदपुर, गायघाट, दुर्गापार, घोरहा,गडरहा आदि गांवों में पानी फैल जाने से पशुओं के चारे की समस्या बढ़ गई है।