पीएम स्वनिधि का लाभ पाने के लिए तीन हजार से अधिक लाभार्थी इंतजार में बैठे हैं। इस दौरान कोई दस माह से तो कोई आठ माह से लाभ पाने के लिए जिम्मेदारों का चक्कर लगाने को विवश हैं। ऐसे में वे अपना समुचित व्यवसाय नहीं कर पा रहे हैं।
शहर के ठेले खमोचे,पटरी, रेहड़ी सहित मोची आदि का कार्य करने वाले दुकानदार अपना समुचित व्यवसाय कर सके इसके लिए सरकार ने पीएम स्वनिधि का योजना का संचालन किया है। जिसके तहत बिना ब्याज के 10 हजार रुपया बैंक से ऋण दिया जाना है। शासन से जिले के नौ नगर निकायों में कुल 10 हजार 852 लाभार्थियों का चयन कर योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य आया था। लेकिन अभी तक योजना से सभी लाभार्थियों को लाभान्वित नहीं किया जा सक ा है । अभी तक मात्र सात हजार 699 लाभार्थियों को ही योजना से आच्छादित कर पाए हैं। अभी भी तीन हजार 153 लाभार्थी योजना को लाभ नहीं मिल पाया है। हालत यह है कि जिम्मेदारों की ओर से उनका चयन तो कर लिया गया है, लेकिन अभी तक उनको बैंक से ऋण नहीं दिला पाए हैं। ऐसे में लाभार्थी योजना का लाभ पाने के लिए जिम्मेदारों व बैंकों का चक्कर लगाने को विवश हैं। डूडा के परियोजना अधिकारी अनिल वर्मा का कहना है कि चयनित लाभार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए बैंक में नगर निकाय कर्मियों को तैनात किया गया है। फिर भी अगर लाभार्थियों को योजना के तहत ऋण नहीं मिलने की बात है तो इसकी एलडीएम से पूछ कर और जांच कर संबंधित बैंक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लाभार्थियों को योजना के तहत ऋण दिलाने का कार्य किया जाएगा।