शीतला चौकियां धाम परिसर में आयोजित पांच दिवसीय राम कथा के दूसरे दिन वाराणसी से पधारे मानस कोविद डॉ. मदन मोहन मिश्र और अखिलेश चंद पाठक ने भक्तों को राम कथा का रसपान कराया।
कथा वाचक पंडित मदन मोहन मिश्र ने कहा कि राजा दशरथ के यहां ऋषि विश्वामित्र ने जनकल्याण के लिए राम लक्ष्मण की मौजूदगी में यज्ञ किया। बोले राम का अवतार ऋषि मुनियों और धर्म की रक्षा क के लिए हुआ था। इस दौरान प्रभु श्री राम चौदह वर्ष वन गमन के दौरान राक्षसों का संहार किया। त्रेता युग में शत्रुघ्न ब्रम्हा स्वरूप है। लक्ष्मण महादेव व परब्रम्ह स्वयं श्रीरामचंद्र जी है। कथावाचक पंडित अखिलेश चंद्र पाठक ने कहा कि बैकुंठ धाम में शयन पर लेटे-लेटे भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी से कहते है कि हो सकता है मैं बैकुंठ धाम में न मिलूं समझ लेना कि मैं किसी भक्त की भक्ति से वश होकर उसके कल्यार्थ गया हूं। बोले जो भक्त सच्चे मन से मुझे याद करता है, मैं उनकी भक्त के वश में हो जाता हूं। कथा के बाद प्रसाद वितरण का कार्य किया गया। इस दौरान त्रिजुगी नाथ त्रिपाठी, हनुमान त्रिपाठी, गुड्डू त्रिपाठी, मदन गुप्ता, योगेश तिवारी, अनिल साहू, अशोक गुप्ता व प्रवीण उपस्थित रहे।