जौनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी और ग्रामीण इलाकों में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को लाभ दिया जा रहा है। लेकिन, आज भी कई परिवार ऐसे हैं, जो पात्र होने के बाद भी योजना का लाभ किसी न किसी कारण नहीं उठा पा रहे है। इतना ही नहीं पड़ताल में यह भी बात सामने आई है कि जिन्हें योजना का लाभ मिला भी है, उनमें कई ऐसे भी परिवार हैं, जो योजना के तहत दूसरी किश्त न मिल पाने के कारण आसमान के नीचे या तिरपाल डालकर रहते हैं।
केराकत: नगर के नाला पार मोहल्ला निवासी मोहन लाल निषाद अपनी बदनसीबी पर आंसू बहा रहे हैं। वह बताते हैं कि मेरा प्रधान मंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास में चयन हुआ है। 50 हजार रुपए की किस्त जब मिली तो हमने कच्चे मकान की जगह नए आवास की नींव बनवा दी। लेकिन, दूसरी किश्त का इंतजार सात-आठ माह से कर रहा हूं। मैं परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे टीनशेड और उसके ऊपर तिरपाल डालकर परिवार के साथ रहता हूं। कई बार नगर अधिकारियों के पास गया। लेकिन, आश्वासन के अलावा आज तक कुछ नहीं मिला। वहीं, नगर पंचायत केराकत के ईओ संदीप कुमार ने मोहन निषाद ने पूछे जाने पर बताया कि संबंधित डूडा विभाग के जेई को लाभार्थी के अगली किस्त के भुगतान न हो पाने की बारे में जानकरी दे दी गई है।
करंजाकला: किशुनपुर में निवासी सूबेदार प्रजापति का परिवार पात्र होने के बाद भी पीएम आवास के लिए परेशान हैं। इनका परिवार छप्पर पर तिरपाल डालकर रहने को मजबूर है। सूबेदार का कहना है कि मेरी पत्नी शीला का नाम पात्रता सूची में है। काफी भाग-दौड़ करने के बाद आज तक आवास नहीं मिला है। मजबूर होकर झोपड़ी में प्लास्टिक का पर्दा डालकर गुजर कर रहे है। आवास के लिए संबंधित अधिकारियों से लेकर उच्चाधिकारियों तक गुहार लगा चुका हूं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया है, सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने शिकायत पत्र का निस्तारण करने के लिए ब्लॉक मुख्यालय पर भेजा, लेकिन ब्लॉक मुख्यालय की तरफ से पात्र लाभार्थी की रिपोर्ट लगा दी गई की पहली किस्त का पैसा आवंटन कर दिया गया और जमीनी काम करवा दिया गया है। जबकि पात्र लाभार्थी का आरोप है कि अभी तक उसे कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ है। उसने ग्राम प्रधान व सचिव के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि इन दोनों लोगों ने मिलकर पात्रता की सूची से नाम हटाने का पूरा प्रयास किया। इस संबंध में बीडीओ आरडी यादव ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।