इसके तहत राजस्व कर्मचारियों की टीम को अपने क्षेत्र के सभी मृतकों के नाम चिन्हित कर अविवादित मामलों में वारिश का नाम अभिलेखों में दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। अभियान के पहले चरण में ही 30 हजार से अधिक अविवादित वरासत के मामले निपटा दिए गए, जो काफी समय से लंबित थे।
वरासत दर्ज होने के बाद वह विभिन्न सरकारी योजनाओं के भी पात्र हो गए। बैंक से लोन लेना आसान हो गया। मल्हनी चुनाव से ठीक पहले जिले में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान की प्रशंसा करते हुए इसे पूरे प्रदेश में लागू करने को कहा था।
हाल ही में एक जनवरी को उन्हें सचिव पर प्रोन्नत वेतनमान के लिए चुना गया था, जिसके बाद से ही उनके तबादले की चर्चा शुरू हो गई थी। अब उन्हें कमिश्नर के रूप में पदोन्नति देते हुए चित्रकूट मंडल की जिम्मेदारी दी गई है।