लगातार रुक - रुक कर हो रही बारिश कई स्थानों पर लोगों के लिए आफत बन गई। जर्जर हो चुके कच्चे मकान और छप्पर बारिश के चलते ढह गए। जिसके चलते अंदर सो रहे लोगों की जान खतरे में पड़ गई। हालांकि वह बाल-बाल बच गए। हालांकि कुछ लोगों को चोटें भी आई हैं, जबकि एक पशु की मौत हो गई है।
धर्मापुर: रत्तीपुर गांव में मेवा लाल के पुत्र सोनू कुमार अपने रिहायशी मड़हे में सो रहे थे। लगातार हो रही बारिश की वजह से बुधवार की रात करीब एक बजे मड़हा धराशायी हो गया। जिसके मलबे में सोनू कुमार दब गए। किसी तरह आस-पास के लोगों ने मड़हे में से उन्हें बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस से इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। सोनू को गर्दन और पैर में चोट लगी है।
मीरगंज: बारिश की वजह से बभनियांव (डिहवा) गांव निवासी राममूर्ति सरोज का कच्चा मकान गिर गया। जिसमें रह रहे परिवार के लोगों की किसी तरह से जान तो बच गई, लेकिन गृहस्थी के सारे सामान दबकर नष्ट हो गए। पीड़ितों ने बताया कि इसी मकान में पूरा परिवार रहता था। मकान काफी पुराना हो गया था। संयोग ही था कि रात में जब मकान गिर रहा था तो आवाज सुनकर लोग बाहर भाग निकले। इस बीच मकान देखते ही देखते ढह गया। सूचना पर गांव के समाजसेवी बिक्की शुक्ला पीड़ित के घर पहुंचे आवश्यक खाद्य सामग्री व आर्थिक मदद की। सूचना पर राजस्व कर्मचारी ने पहुंच कर नुकसान का आकलन किया। इसी तरह रामपुर चौथार गांव में मोहम्मद मुस्ताक अली अपने मड़हे में परिवार के सदस्यों के साथ सो रहे थे। रात में तेज हवा और बारिश होने पर वह बगल के कमरे में चले गए। इसी बीच अचानक रात करीब साढ़े 11 बजे उनका कच्ची मिट्टी की दीवार पर रखा मड़हा गिर गया। जिससे मलबे में दबकर उनका एक बकरा मर गया। इस हादसे में परिवार के ईदु (26) को हल्की चोट लगी है।
गौराबादशाहपुर : मैरादखान गांव में वंशराज पाल का कच्चा मकान बृहस्पतिवार की सुबह ढह गया। जिससे अंदर रखे गृहस्थी के सारे सामान नष्ट हो गए। इस हादसे में उनके घर के अंदर बंधी गाय दब गई, जिसे किसी तरह लोगों ने बाहर निकाला।