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Dhananjay Singh: तीन साल 10 महीने, 130 तारीख पड़ीं और 50 पेज में आया फैसला; इन धाराओं में सुनाई गई सजा

Thu, 07 Mar 2024 10:43 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।

सार

Dhananjay Singh Case: अपहरण और रंगदारी मामले में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को सात साल की सजा हुई है। ऐसे में अब वे चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। मामले में प्राथमिक दर्ज होने से लेकर फैसले तक कुल तीन साल 10 महीने का समय लगा। इसमें 130 तारीखों पर सुनवाई हुई तो फैसला 50 पेज में आया।
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Dhananjay singh - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपहरण व रंगदारी के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत दो को दोषी पाए जाने के बाद सजा सुनाई गई है। इस पूरे प्रकरण में प्राथमिक दर्ज होने से लेकर फैसले तक कुल तीन साल 10 महीने का समय लगा। इसमें 130 तारीखों पर सुनवाई हुई तो बुधवार को फैसला 50 पेज में आया।

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इस मामले में वादी अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को लाइन बाजार थाने में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत दो के खिलाफ अपहरण व रंगदारी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इसमें तीन माह जिला कारागार में बंद रहे। इसके बाद इनकी जमानत हुई। मामले में पुलिस ने विवेचना करके तीन माह के अंदर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। कोर्ट ने दो अप्रैल 2022 को धनंजय व सहयोगी पर आरोप तय किया था। इसके बाद 130 तारीखों की सुनवाई के बाद पांच मार्च 2023 को धनंजय समेत दो को दोषी पाया गया। इसके बाद छह मार्च 2024 को सजा सुनाई गई।

इन धाराओं में सुनाई गई सजा
कोर्ट ने आईपीसी की धारा 364 में पूर्व सांसद धनंजय सिंह व संतोष विक्रम सिंह को सात वर्ष की सजा, 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 386 में पांच वर्ष की सजा, 25 हजार रुपये जुर्माना, धारा 504 में एक वर्ष की सजा व 10 हजार जुर्माना, धारा 506 में दो वर्ष की सजा, 15 हजार जुर्माना, धारा 120-बी में सात वर्ष की सजा, 50 हजार रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया।

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क्या बोले वकील

पत्रावली में उपलब्ध प्रामाणिक साक्ष्य के आधार पर न्यायालय का फैसला आया है। इस फैसले से संतुष्ट हूं तथा न्यायालय के आदेश का स्वागत करता हूं। - सतीश कुमार पांडेय, जिला शासकीय अधिवक्ता।

न्यायालय के आदेश का सम्मान करता हूं और आदेश से संतुष्ट हूं। पत्रावली में जो साक्ष्य उपलब्ध थे, उसके आधार पर सजा सुनाई गई है। - लाल बहादुर पाल, अपर शासकीय अधिवक्ता एमपी एमएलए कोर्ट।

यह बोले धनंजय सिंह के अधिवक्ता
अदालत के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। मैं हाईकोर्ट में अपील दाखिल करूंगा। - राहुल तिवारी, अधिवक्ता।

बोले धनंजय सिंह के अधिवक्ता
अपहरण व रंगदारी के मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल हुआ था। इसमें सभी गवाहों ने घटना से इनकार किया था। यहां तक कि वादी ने भी मजिस्ट्रेट के समक्ष घटना होने से इन्कार किया था। उसके बावजूद कोर्ट ने दोषी माना है। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि किसी भी न्यायालय से आज तक कोई सजा नहीं हुई है और धनंजय जिले का लोकप्रिय नेता है और कोई अपराध नहीं किया है। इसलिए कम से कम सजा दी जाए। फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। - उमेश शुक्ला, अधिवक्ता
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